राम मंदिर दान चोरी मामला: पुराने वीडियो रिकॉर्ड तक SIT का पहुंचना लगभग नामुमकिन, आ रही ये दिक्कत

सूत्रों के अनुसार, बैकअप सिस्टम में रिकॉर्डिंग सिर्फ 45 दिन तक सुरक्षित रहती है। नतीजतन, जांचकर्ता पिछले महीनों या पुराने वीडियो नहीं देख पा रहे हैं। इससे यह पता लगाना मुश्किल हो गया है कि कथित गबन कब शुरू हुआ और कितने समय तक चला। सूत्रों ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के साथ छेड़छाड़ के संकेत भी मिले हैं।

Ayodhya Ram Mandir Donation Theft: अयोध्या में राम मंदिर में दान के पैसे के कथित गबन की जांच कर रहे विशेष जांच दल (SIT) को डिजिटल सबूत जुटाने में बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। सूत्रों ने शनिवार को बताया कि मंदिर परिसर का सीसीटीवी फुटेज केवल 45 दिनों तक ही स्टोर रहता है, जिसके बाद रिकॉर्डिंग अपने आप डिलीट हो जाती है। इससे जांचकर्ताओं के लिए पुराने वीडियो रिकॉर्ड तक पहुंचना लगभग नामुमकिन हो गया है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को तीन सदस्यीय एसआईटी गठित की थी। यह टीम मंदिर के दान में हेराफेरी के आरोपों की जांच कर रही है।

Ram Mandir

SIT कर रही राम मंदिर दान चोरी मामले की जांच।

सीसीटीवी फुटेज के साथ छेड़छाड़ के संकेत

सूत्रों के अनुसार, बैकअप सिस्टम में रिकॉर्डिंग सिर्फ 45 दिन तक सुरक्षित रहती है। नतीजतन, जांचकर्ता पिछले महीनों या पुराने वीडियो नहीं देख पा रहे हैं। इससे यह पता लगाना मुश्किल हो गया है कि कथित गबन कब शुरू हुआ और कितने समय तक चला। सूत्रों ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के साथ छेड़छाड़ के संकेत भी मिले हैं। डिलीट या बदले गए डेटा को प्राप्त करने की कोशिश की जा रही है।

End of Feed