Lok Sabha Elections 2024: इस साल होने वाले लोकसभा चुनाव में अभी से सीट बंटवारे को लेकर गहमागहमी बनी हुई है। सभी दल अपने फायदे को लेकर दावेदारी पेश कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि इंडिया गठबंधन में शामिल दलों में सीट बंटवारे को लेकर शीर्ष नेताओं के बीच बातचीत चल रही है। ऐसे में कहा जा रहा है कि लोकसभा चुनाव के लिए सीट बंटवारे को लेकर राज्यसभा और विधान परिषद की इस साल होने वाली खाली सीटें भी अपनी भूमिका निभायेगी।
बिहार में सीट बंटवारे पर असमंजस
बताया जाता है कि इस साल अप्रैल में प्रदेश की छह राज्यसभा सीटें खाली होने वाली है। जबकि, मई में विधान परिषद की 11 सीटें रिक्त होगी। लोकसभा सीटों के बंटवारे में इन रिक्त सीटों का महत्व बढ़ा है। माना जा रहा है कि बिहार में इंडिया गठबंधन में सीट बंटवारे में पेंच फंसता देख इन रिक्त सीटों पर समीकरण बैठाया जा सकता है।
ये राज्यसभा सीटें इस बार हो जाएंगी खाली
ऐसे में विधायकों की संख्या देखते हुए राज्यसभा में जदयू को अपनी दो सीटें और कांग्रेस को अपनी एक सीटें बचाने के लिए सहयोगी दलों की जरूरत पड़ेगी। राज्यसभा के जिन मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल अप्रैल महीने में समाप्त हो जायेगा, उनमें भाजपा के नेता सुशील कुमार मोदी, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह, जदयू के अनिल हेगड़े और वशिष्ठ नारायण सिंह तथा राजद के अशफाक करीम एवं मनोज कुमार झा के नाम हैं।
नीतीश चाहते थे सीटों का जल्द बंटवारा
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चाहते थे कि विपक्षी गठबंधन इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस (इंडिया) के घटक दलों में सीट बंटवारा जल्द हो जाए ताकि लोकसभा चुनाव के लिए अभियान दो अक्टूबर को गांधी जयंती के दिन से शुरू किया जा सके। जनता दल-यूनाइटेड (जदयू) अध्यक्ष के एक करीबी सहयोगी ने यह जानकारी शुक्रवार को दी। जदयू के राष्ट्रीय महासचिव संजय कुमार झा, जिन्होंने नीतीश के साथ इंडिया गठबंधन की बैठकों में भाग लिया था, ने अफसोस जताया कि कीमती समय बर्बाद किया गया। लेकिन उन्होंने उम्मीद जताई कि इस महीने के अंत तक सीट-बंटवारे को अंतिम रूप दे दिया जाएगा।
