राजस्थान: रात में आबू रोड पहुंचे PM मोदी, बिना माइक के किया विशाल सभा को संबोधित, देखें वीडियो

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  • Updated Sep 30, 2022, 11:31 PM IST

PM Narendra Modi: पीएम मोदी ने कहा कि उनके मुख्यमंत्रित्व काल में गुजरात सरकार द्वारा इसके लिए एक प्रस्ताव प्रस्तुत करने के बावजूद संप्रग सरकार ने इसे मंजूरी नहीं दी। प्रधानमंत्री ने गुजरात के बनासकांठा जिले के अंबाजी शहर में इसी रेलवे परियोजना के लिए आधारशिला रखने के बाद एक जनसभा में यह टिप्पणी की। पीएम मोदी ने कांग्रेस पर परोक्ष रूप से हमला करते हुए कहा कि अंग्रेजों ने लगभग 100 साल पहले 1930 में तरंगा हिल, अंबाजी और आबू रोड को जोड़ने वाली रेलवे लाइन बिछाने का निर्णय लिया था, लेकिन दुर्भाग्य से आजादी के बाद भी दशकों तक कोई फैसला नहीं लिया गया।

KEY HIGHLIGHTS
  1. रात में राजस्थान के आबू रोड पहुंचे PM मोदी
  2. पीएम मोदी ने बिना माइक के किया विशाल सभा को संबोधित
  3. पीएम मोदी को देखने के लिए जुटी लोगों की भारी भीड़

pm narendra modi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।

PM Narendra Modi: राजस्थान के आबू रोड (Abu Road) पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विशाल सभा को संबोधित करने के लिए माइक (Mic) का इस्तेमाल नहीं किया क्योंकि वे रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर का उपयोग करने के किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं करना चाहते थे। इससे पहले गुजरात के अंबाजी में पीएम मोदी ने कहा कि तरंगा-अंबाजी-आबू रोड रेल लाइन की कल्पना लगभग 100 साल पहले ब्रिटिश शासन के दौरान की गई थी और ये परियोजना महत्वपूर्ण थी लेकिन कांग्रेस के नेतृत्व वाली तत्कालीन संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार ने इसे मंजूरी नहीं दी थी।

पीएम मोदी ने बिना माइक के किया विशाल सभा को संबोधित

पीएम मोदी को देखने के लिए जुटी लोगों की भारी भीड़

पीएम मोदी ने कहा कि उनके मुख्यमंत्रित्व काल में गुजरात सरकार (Gujarat Government) द्वारा इसके लिए एक प्रस्ताव प्रस्तुत करने के बावजूद संप्रग सरकार ने इसे मंजूरी नहीं दी। प्रधानमंत्री ने गुजरात के बनासकांठा जिले के अंबाजी शहर में इसी रेलवे परियोजना के लिए आधारशिला रखने के बाद एक जनसभा में यह टिप्पणी की। पीएम मोदी ने कांग्रेस पर परोक्ष रूप से हमला करते हुए कहा कि अंग्रेजों ने लगभग 100 साल पहले 1930 में तरंगा हिल, अंबाजी और आबू रोड को जोड़ने वाली रेलवे लाइन बिछाने का निर्णय लिया था, लेकिन दुर्भाग्य से आजादी के बाद भी दशकों तक कोई फैसला नहीं लिया गया।

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