NEET परीक्षा रद्द होने पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस सांसद राहुल ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। सरकार पर निशाना साधते हुए राहुल ने मंगलवार को कहा कि 'कथित अमृत काल देश के लिए विष काल बन गया है।' कांग्रेस नेता ने कहा कि पेपर लीक होने से 22 लाख छात्रों के सपने खत्म हो गए हैं और इसके लिए भाजपा की 'भ्रष्ट सरकार' जिम्मेदार है। राहुल ने कहा कि इस परीक्षा की तैयारी के लिए छात्रों ने बैंक से लोन लिए जबकि कुछ माताओं ने अपने गहने गिरवी रखे और बच्चों ने रात-रात भर जागकर पढ़ाई की।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी।
यह देश के युवाओं के खिलाफ अपराध है-राहुल
सरकार पर हमला बोलते हुए राहुल गांधी ने आगे कहा कि 'इसके बदले में उन्हें पेपर लीक, सरकार की तरफ लापरवाही और शिक्षा में संगठित रूप से व्याप्त भ्रष्टाचार मिलता है। यह एक नाकामी भर नहीं है बल्कि यह देश के युवाओं के खिलाफ एक अपराध है। हर बार पेपर माफिया बचकर निकल जाते हैं जबकि ईमानदार छात्र इसकी कीमत चुकाते हैं। अब लाखों छात्र एक बार फिर मानसिक तनाव, वित्तीय बोझ और अनिश्चितता के दौर से गुजरेंगे।'
युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रही सरकार-गहलोत
पेपर लीक मामले में सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गई है। सभी विपक्षी पार्टियां सरकार को घेर रही हैं। राजस्थान के पूर्व सीएम और कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने केंद्र और राज्य की बीजेपी सरकार पर हमला बोला है। अशोक गहलोत ने राजस्थान सरकार पर इस मामले को छिपाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है। राजस्थान की भाजपा सरकार ने जानबूझकर दो सप्ताह तक इसे छिपाने की कोशिश की और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किया। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने परीक्षा रद्द कर और सीबीआई को जांच सौंपकर युवाओं के हित में एक साहसिक निर्णय लिया है।
यह सरकार की नाकामी-केजरीवाल
वहीं, आम आदमी पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इसे सरकार की नाकामी बताया है। परीक्षा पेपर लीक के आरोपों के बीच रद्द किए जाने पर AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा, यह पहली बार नहीं है जब NEET परीक्षा का पेपर लीक हुआ है। ऐसा चार बार हो चुका है। इसका सीधा मतलब है कि इसमें मिलीभगत और राजनीतिक संरक्षण है।
परीक्षा रद्द करना युवाओं के साथ विश्वासघात: संजय सिंह
वहीं, आप सांसद संजय सिंह ने भी इसे लेकर सरकार को घेरा। संजय ने एक्स पर लिखा- 2026 की NEET परीक्षा रद्द करना युवाओं के साथ विश्वासघात है। 180 में से 135 प्रश्न लीक हो गए, क्या यह परीक्षा है या कोई नाटक? ये प्रश्नपत्र लीक करने का काम भाजपा से जुड़े शिक्षा माफिया ने करवाया है। भाजपा युवाओं के विनाश की गारंटी है। मोदी चाहते हैं कि युवा चुनाव में भाजपा को वोट दें और चुनाव के बाद बेरोजगार भटकें, दंगों, अराजकता और नफरत में डूब जाएं।
3 मई को आयोजित हुई थी परीक्षा
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने तीन मई को आयोजित मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'नीट-यूजी-2026’ को इसका प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों के मद्देनजर मंगलवार को रद्द करने की घोषणा की तथा सरकार ने सीबीआई को इन 'अनियमितताओं’ की विस्तृत जांच करने का आदेश दिया। चिकित्सा महाविद्यालयों में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए यह परीक्षा अब नए सिरे से आयोजित की जाएगी, जिसकी तिथियां अलग से अधिसूचित की जाएंगी। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने सोशल मीडिया मंच ’एक्स’ पर जारी एक बयान में कहा कि यह निर्णय पारदर्शिता बनाए रखने और राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली में विश्वास को बरकरार रखने के लिए लिया गया है। नीट यूजी 2026 परीक्षा तीन मई को भारत के 551 शहरों और अन्य देशों के 14 शहरों में आयोजित की गई थी। यह परीक्षा लगभग 23 लाख पंजीकृत परीक्षार्थियों के लिए आयोजित की गयी थी।
