पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। सोमवार को सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, "धर्मेंद्र प्रधान भ्रष्टाचार और भारत की बर्बाद शिक्षा व्यवस्था के प्रतीक हैं और हमेशा रहेंगे।" उन्होंने आगे लिखा,"देश की शिक्षा व्यवस्था की खामियों के कारण 26 बच्चों की जान गई और लाखों युवाओं को सड़कों पर उतरना पड़ा। विपक्ष ने दावा किया कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नैतिकता के आधार पर नहीं, बल्कि युवाओं के बढ़ते आक्रोश के दबाव में हुआ।"
संसद में धर्मेंद्र प्रधान के सम्मान पर राहुल गांधी ने किया पलटवार। PTI
वहीं, बीजेपी संसद आज, उसी व्यक्ति को पुष्पांजलि अर्पित कर रही है। यह कोई सम्मान नहीं है। यह लाखों बच्चों के भविष्य के विनाश का जश्न है। देश का हर छात्र इसे देख रहा है। और इसमें शामिल हर चेहरा हमेशा याद रखा जाएगा।
संसद में प्रधान का 'ग्रैंड वेलकम'
बता दें कि शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद सोमवार को पहली बार धर्मेंद्र प्रधान संसद पहुंचे थे। इस दौरान किसी सांसद ने उन्हें शॉल और मिथिला पाग पहनाकर सम्मानित किया तो किसी ने फूलों की माला पहनाई तो किसी ने गुलदस्ता देकर स्वागत किया। विपक्ष ने संसद में धर्मेंद्र प्रधान को सम्मानित किए जाने पर भी सवाल उठाए। बयान में कहा गया कि यह सम्मान नहीं, बल्कि लाखों छात्रों के भविष्य के साथ हुए कथित अन्याय का जश्न है।
'मैं स्ट्रीट फाइटर हूं'
वहीं, शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने अपनी पहली प्रतिक्रिया सोमवार को दी। दरअसल, संसद परिसर में कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश के साथ हुई संक्षिप्त बातचीत के दौरान प्रधान ने खुद को "स्ट्रीट फाइटर" बताते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। दरअसल, संसद परिसर में जयराम रमेश ने धर्मेंद्र प्रधान की ओर बढ़ते हुए कथित तौर पर सहानुभूति जताई और कहा, "It happens" (ऐसा होता है)। यह टिप्पणी हाल के राजनीतिक घटनाक्रम और प्रधान के भविष्य को लेकर चल रही चर्चाओं के संदर्भ में मानी जा रही है।
जयराम रमेश की टिप्पणी पर धर्मेंद्र प्रधान ने तुरंत जवाब देते हुए कहा, 'नथिंग हैपन्ड' इसके बाद प्रधान ने रमेश से कहा 'आई एम ए स्ट्रीट फाइटर. नॉट एन एसी रूम ऐक्टिविस्ट' यानी कुछ नहीं हुआ। मैं सड़क पर संघर्ष करने वाला नेता हूं, AC कमरे में बैठने वाला एक्टिविस्ट नहीं।"
