Rahul Gandhi on Manipur:लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi Manipur) ने सोमवार को मणिपुर के जिरीबाम और चुराचांदपुर जिलों में राहत शिविरों का दौरा किया और वहां रह रहे लोगों से बातचीत की इसके बाद उन्होंने एक प्रेस कांफ्रेस कर मणिपुर हिंसा पर अपनी बात रखी साथ ही उन्होंने कहा कि हम कांग्रेस पार्टी के रूप में, यहां की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए किसी भी चीज का समर्थन करने के लिए तैयार हैं।'
राहुल गांधी ने मणिपुर के जिरीबाम और चुराचांदपुर जिलों में राहत शिविरों का दौरा किया
राहुल गांधी ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा, 'मुझे लगता है कि यह महत्वपूर्ण है कि प्रधानमंत्री यहां आएं, मणिपुर के लोगों की बात सुनें और मणिपुर में क्या हो रहा है, इसे समझने की कोशिश करें। आखिरकार, मणिपुर भारतीय संघ का एक गौरवशाली राज्य है...भले ही कोई त्रासदी न हुई हो, प्रधानमंत्री को मणिपुर आना चाहिए था। इस बड़ी त्रासदी में, मैं प्रधानमंत्री से अनुरोध करता हूं कि वे अपने समय में से 1-2 दिन का समय निकालें और मणिपुर के लोगों की बात सुनें। इससे मणिपुर के लोगों को राहत मिलेगी। हम, कांग्रेस पार्टी के रूप में, यहां की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए किसी भी चीज का समर्थन करने के लिए तैयार हैं।'
गौर हो कि राज्य में पिछले साल मई में मेइती और कुकी समुदाय के लोगों के बीच जातीय हिंसा शुरू हुई थी। इसमें 200 से अधिक लोगों की मौत हुई है।कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ पहुंचे गांधी ने राहत शिविरों में रह रहे लोगों से बात की और उनकी समस्याएं सुनीं। कांग्रेस द्वारा राज्य की दोनों लोकसभा सीटें जीतने के बाद राहुल गांधी पहली बार यहां आए हैं।
पिछले साल तीन मई को मणिपुर में जातीय हिंसा भड़कने के कुछ हफ़्ते बाद गांधी ने पहली बार मणिपुर का दौरा किया था। उन्होंने जनवरी 2024 में राज्य से अपनी 'भारत जोड़ो न्याय यात्रा' भी शुरू की थी। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने सबसे पहले जिरीबाम उच्च माध्यमिक विद्यालय में स्थापित राहत शिविर का दौरा किया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि जिरीबाम में हजारों की संख्या में लोग गांधी का स्वागत करने आए और उनमें से कई लोग उनसे बात करते हुए रो पड़े।जिरीबाम से गांधी असम के सिलचर होते हुए इंफाल हवाई अड्डे पहुंचे और सड़क मार्ग से चुराचांदपुर जिले के तुइबोंग गांव में एक राहत शिविर में पहुंचे। वहां भी गांधी ने लोगों से बातचीत की।
