चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर दिल्ली में मंगलवार को विपक्ष का प्रदर्शन देर शाम तक जारी रहा। आकाशवाणी भवन परिसर में कई घंटे तक धरने पर बैठे कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत विपक्ष के कई नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लेकर वहां से हटा दिया। पुलिस की कार्रवाई के दौरान मौके पर काफी देर तक तनाव और नोकझोंक की स्थिति बनी रही।
करीब आठ घंटे बाद हिरासत में लिए गए राहुल गांधी।
राहुल गांधी के साथ कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी, दीपेंद्र सिंह हुड्डा और पवन खेड़ा समेत कई अन्य नेता भी मौजूद थे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को धीरे-धीरे परिसर से बाहर निकालना शुरू किया और बाद में नेताओं को आकाशवाणी भवन के पिछले हिस्से से बाहर ले जाया गया।
दिल्ली पुलिस ने जारी किया बयान
वहीं, दिल्ली पुलिस ने बताया है कि आकाशवाणी भवन से कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 10 सांसदों समेत 260 लोगों को हटाया गया। उन्हें अलग-अलग पुलिस स्टेशनों में ले जाया गया, जहां उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
दिल्ली पुलिस ने कहा कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी आकाशवाणी भवन गए, और राहुल गांधी ने बाहर आने से इनकार कर दिया। दिल्ली पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था और सुरक्षा कारणों से प्रदर्शनकारियों को हटाना पड़ा और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
चुनाव आयुक्तों से मिलने पर अड़े रहे राहुल
राहुल गांधी पूरे प्रदर्शन के दौरान इस बात पर जोर देते रहे कि विपक्षी सांसद चुनाव आयुक्तों से मुलाकात करना चाहते हैं। उनका कहना था कि वे अपनी शिकायत और सवाल सीधे निर्वाचन आयोग के सामने रखना चाहते हैं। धरने के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि विपक्षी सांसद जनता का प्रतिनिधित्व करते हैं और उन्हें चुनाव आयुक्तों से मिलने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सांसदों की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है।
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि विपक्ष चुनाव आयोग के सामने मतदाता सूची और कथित ‘वोट चोरी’ से जुड़े आरोप रखना चाहता है। उन्होंने दावा किया कि जब तक चुनाव आयुक्तों से मुलाकात नहीं होती, तब तक वे प्रदर्शन स्थल से नहीं हटेंगे।
पुलिस के पहुंचते ही बढ़ा तनाव
करीब आठ घंटे तक प्रदर्शन चलने के बाद पुलिस ने नेताओं को वहां से हटाने की कार्रवाई शुरू की। पुलिसकर्मियों के पहुंचते ही प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बहस होने लगी। राहुल गांधी को हटाने के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उन्हें घेर लिया। इसके बाद पुलिस राहुल गांधी और अन्य नेताओं को आकाशवाणी भवन के पिछले गेट की ओर ले गई। प्रियंका गांधी वाड्रा को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। प्रदर्शन के दौरान कई विपक्षी नेताओं को अलग-अलग चरणों में पुलिस ने मौके से हटाया।कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर जताई नाराजगी
राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने के बाद कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर पुलिस कार्रवाई का वीडियो साझा किया। पार्टी ने अपने पोस्ट के जरिए केंद्र सरकार और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। कांग्रेस ने अपने एक पोस्ट में संकेत दिया कि प्रदर्शन के दौरान हुई कार्रवाई को पार्टी लंबे समय तक याद रखेगी। एक अन्य पोस्ट में पार्टी ने स्वतंत्रता आंदोलन का संदर्भ देते हुए कहा कि जिस तरह अंग्रेजी शासन के खिलाफ लड़ाई लड़ी गई थी, उसी तरह वह कथित ‘वोट चोरी’ के खिलाफ भी संघर्ष जारी रखेगी।विपक्षी सांसदों ने चुनाव आयोग तक पहुंचने की कोशिश की
इससे पहले INDIA ब्लॉक के कई सांसद चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर बढ़े थे। विपक्षी दल SIR की प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर सवाल उठा रहे हैं। प्रदर्शनकारी सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी कर रहे थे। मार्च को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने कई स्थानों पर बैरिकेड लगाए थे। पुलिस की कार्रवाई के बीच कुछ विपक्षी नेता आकाशवाणी भवन परिसर तक पहुंच गए, जहां बाद में धरना शुरू हो गया।
आकाशवाणी भवन का गेट खोलने को लेकर भी विवाद
प्रदर्शन के दौरान INDIA ब्लॉक के कुछ सांसदों और समर्थकों ने आकाशवाणी भवन के गेट से आगे बढ़ने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी रही। विपक्षी नेताओं का कहना था कि वे चुनाव आयोग के कार्यालय तक जाना चाहते हैं और अपनी मांग सीधे चुनाव आयुक्तों के सामने रखना चाहते हैं।चुनाव आयोग ने बैठक के दावे पर क्या कहा?
विपक्षी नेताओं की ओर से चुनाव आयुक्तों से मुलाकात की मांग के बीच निर्वाचन आयोग के अधिकारियों से जब इस बारे में पूछा गया तो उनका कहना था कि मंगलवार को किसी राजनीतिक दल की ओर से आयोग के साथ बैठक के लिए औपचारिक अनुरोध नहीं मिला था।
