क्या गोवा में सुरक्षित नहीं हैं पर्यटक? नए साल की पूर्व संध्या पर हुई हत्या पर छिड़ा सियासी संग्राम; विपक्ष ने सरकार को घेरा

नए साल की पूर्व संध्या गोवा में एक हत्या हो गई। जिसके बाद अब इस मुद्दे पर सियासत गरमा गई है। विपक्ष ने पर्यटकों की सुरक्षा पर चिंता जाहिर की है। गोवा के समुद्र तट पर बनी एक झोपड़ी में शराब के नशे में धुत पर्यटकों और वहां काम करने वाले लोगों के बीच हुए झगड़े में आंध्र प्रदेश के एक पर्यटक की मौत हो गई थी।

क्या गोवा में पर्यटक सुरक्षित नहीं हैं? ये सवाल हम नहीं पूछ रहे हैं, बल्कि विपक्षी दलों ने गोवा सरकार को कटघरे में खड़ा करके ये सवाल उठाया है। विपक्ष ने हाल ही में हुई एक पर्यटक की हत्या को बड़ा मुद्दा बना दिया है और चिंता जाहिर की है। दरअसल, नए साल की पूर्व संध्या पर आंध्र प्रदेश के पर्यटक रवि तेजा की चौंकाने वाली हत्या के बाद मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत के नेतृत्व वाली गोवा सरकार पर विपक्ष तीखा प्रहार कर रहा है और लगातार सवाल खड़ा कर रहा है। इस घटना ने राज्य में पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर नई चिंताओं को जन्म दिया है और घटती पर्यटन संख्या पर बहस को फिर से हवा दी है।

Tourism in Goa

प्रतीकात्मक तस्वीर।

विदेशी पर्यटन में आखिर क्यों आई गिरावट?

कई मीडिया रिपोर्ट्स में ये दावे किए जा रहे हैं कि गोवा के पर्यटन में गिरावट देखी गई है। सोशल मीडिया पर ये दावे किए जा रहे हैं कि गोवा के फेमस बीचेज इन दिनों सुनसान हैं। वहीं एक पर्यटक की हत्या के बाद विपक्ष पर्यटकों की सुरक्षा पर चिंता जाहिर कर रहा है। एक मीडिया चैनल ने तो ये तक सवाल खड़ा कर दिया कि विदेशी पर्यटन में लगभग 60% की गिरावट क्यों आई है? मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि गोवा, जो कभी भारत में पर्यटन के लिए मुकुटमणि था, अब एक आश्चर्यजनक बदलाव का सामना कर रहा है। कभी चहल-पहल से भरे समुद्र तट, जीवंत झोपड़ियां और गतिशील नाइटलाइफ़ अब पीक सीज़न के दौरान भी शांत हैं।

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