सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने रविवार (16 अक्टूबर, 2022) की रात भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा (India-Pakistan International Border) के नजदीक अमृतसर (Amritsar) क्षेत्र में एक ‘क्वाड-कॉप्टर’ ड्रोन को मार गिराया। अफसरों को शक है कि इसके जरिए मादक पदार्थ ले जाए जा रहे थे। इस सीमा पर पिछले तीन दिन में इस तरह की यह दूसरी घटना है।
BSF की 22वीं बटालियन के जवानों ने इस ड्रोन को अमृतसर के रनिया में शूट कर मार गिराया था।
अफसरों ने इस बारे में समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, 12 किलो वजनी ड्रोन में चार ‘प्रोपेलर’ थे। बीएसएफ की 22वीं बटालियन के जवानों ने अमृतसर सेक्टर में रानिया सीमा चौकी के पास रात करीब सवा नौ बजे ड्रोन को गोली चलाकर मार गिराया गया। ड्रोन के अंदर से हरे रंग का पैकेट भी बरामद हुआ है, जिसमें दो किलो सामान था। पैकेट में मादक पदार्थ होने का संदेह है।
Punjab | BSF troops of 22 battalion thwarted a drone intrusion attempt at around 9.15pm by shooting down an Octa-co… t.co/KEqt7k29bG
— ANI (@ANI) Oct 16, 2022
वैसे, पंजाब के गुरदासपुर सेक्टर में 13-14 अक्टूबर की दरम्यानी रात हुई ऐसी ही एक घटना में बीएसएफ ने एक बड़े (क्वाड कॉप्टर) पाकिस्तानी ड्रोन को मार गिराया था। ड्रोन पाकिस्तान से भारतीय क्षेत्र में घुसा था। शाहपुर सीमा चौकी पर बीएसएफ कर्मियों ने सुबह करीब साढ़े चार बजे पाकिस्तान की ओर से एक ड्रोन आते हुए देखा, जिसके बाद उन्होंने 17 गोलियां चलाई थीं।
अफसरों के अनुसार, अंधेरे में विजिबिलिटी (दृश्यता) बढ़ाने के लिए ‘इल्युमिनेटिंग’ बमों का भी इस्तेमाल किया गया। ड्रोन को अमृतसर में भैनी गिल गांव के पास आने वाले इलाके में भारतीय क्षेत्र में घुसने के तुरंत बाद मार गिराया गया था। सैनिकों ने चार किलो का ड्रोन (डीजेआई मैट्रिस) बरामद किया था।
मामले पर बीएसएफ के अतिरिक्त महानिदेशक (पश्चिमी कमान) पी. वी. रामा शास्त्री ने कहा था कि बल पूरी तरह सतर्क है। सीमा पर पैदान होने वाली हर तरह की चुनौतियों से निपटने में सक्षम है व इस साल घुसपैठ के सभी प्रयासों को विफल किया है।
वह बोले, ‘‘सभी सर्विलांस उपकरणों की समीक्षा कर उनका आधुनिकीकरण किया गया है। एक महीने के भीतर और उपकरणों की तैनाती की जाएगी। रात को निगरानी की रणनीति भी तैयार है। (सर्दियों में) घुसपैठ नामुमकिन होगी।’’
