प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने पंजाब विश्वविद्यालय में हुए विरोध प्रदर्शन को कवर कर रहे पत्रकारों पर चंडीगढ़ पुलिस की बर्बर कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। क्लब ने कहा कि पत्रकार अपराधी नहीं हैं और लोकतंत्र में उनकी भूमिका बेहद अहम है। संस्था ने इस घटना में शामिल पुलिसकर्मियों की पारदर्शी जांच और जवाबदेही तय करने की मांग की है।
पंजाब यूनिवर्सिटी में हुए प्रदर्शन के दौरान चंडीगढ़ पुलिस की कार्रवाई पर प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने जताई चिंता।(फोटो सोर्स: ANI)
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के साथ की धक्का-मुक्की
बता दें कि पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) में सीनेट चुनाव की तारीख की घोषणा की मांग को लेकर सोमवार को प्रदर्शनकारियों ने जमकर हंगामा किया। प्रदर्शनकारियों ने यूनिवर्सिटी के अंदर जाने की कोशिश की तो पुलिस के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई। इस घटना में कई छात्रों के घायल हो गए।
छात्रों द्वारा हो रहे इस प्रदर्शन में , किसान संगठनों, पंथक संगठनों, सामाजिक समूहों और अखिल भारतीय सिख छात्र संघ सहित सभी विचारधाराओं के लोग शामिल हो गए। विश्वविद्यालय में 5,000 से ज़्यादा लोग जमा हो गए। अचानक प्रदर्शन ने हिंसक रूप इख्तियार कर लिया। नतीजा ये हुआ कि पुलिस को लाठी चार्ज करनी पड़ी, जिसमें कई छात्र भी घायल हो गए।
