India Pakistan Tension: विदेश मंत्रालय (MEA) ने शुक्रवार को कहा कि नई दिल्ली स्थित पाकिस्तान हाई कमीशन के बाहर लेन से अस्थायी ढांचे हटाना इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के बाहर पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा कुछ ढांचे हटाए जाने के जवाब में की गई एक 'जरूरी कार्रवाई' (Proportionate Action) थी।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल (फोटो साभार: MEA/YT)
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब कुछ दिन पहले पाकिस्तानी अधिकारियों ने इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग के बाहर पार्किंग पोल और सुरक्षा से जुड़े अन्य ढांचे हटा दिए थे।
MEA ने PAK को दिया करारा जवाब
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि भारत ने पाकिस्तानी अधिकारियों से इन ढांचों को नहीं हटाने का आग्रह किया था, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने यह कार्रवाई की। जायसवाल ने कहा, ''पाकिस्तान में भारतीय उच्चायोग के सामने पार्किंग की सुविधा के लिए कुछ ढांचे हटाए गए। हमने उनसे ऐसा न करने का अनुरोध किया था। इसके बाद हमने जो कार्रवाई की, उसे जरूरी कार्रवाई कहा जा सकता है।''
उन्होंने बताया कि नई दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायोग के बाहर वाली लेन में लगाए गए कुछ अस्थायी ढांचों को इसके बाद हटा दिया गया।
'J&K भारत का अभिन्न हिस्सा'
रणधीर जायसवाल ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख, भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग थे, हैं और रहेंगे। दरअसल, भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने श्रीनगर यात्रा के दौरान जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न हिस्सा बताया था। जिसको लेकर पाकिस्तान को करारी मिर्ची लगी और इस्लामाबाद ने अमेरिकी राजनयिक को तलब कर अपनी आपत्ति दर्ज कराई।
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सनद रहे कि भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध पहले से ही तनावपूर्ण हैं। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में अप्रैल 2025 में हुए आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के संबंधों में और तनाव बढ़ गया था। इस हमले में 26 निर्दोष लोगों की हत्या की गई, जिनमें एक नेपाल का नागरिक भी शामिल था।
