Kuno National Park : मध्य प्रदेश के श्योपुर जिला स्थितकूनो नेशनल पार्क लगातार सु्र्खियों में है। अब चीता प्रोजेक्ट टीम पर हमला हुआ है। यह टीम पार्क की मादा चीता आशा जो संरक्षित क्षेत्र से बाहर चली निकल कई है, उसे ढूंढने के लिए निकली थी। बताया जा रहा है कि ग्रामाणों ने डकैत समझकर टीम पर हमला कर दिया। टीम पर यह हमला बुराखेड़ा गांव में हुआ। रिपोर्टों के मुताबिक फायरिंग करते हुए ग्रामीण टीम के सदस्यों से भिड़ गए। पुलिस ने मामला दर्ज किया है और हमले के लिए जिम्मेदार लोगों को ढूंढ रही है।
कूनो नेशनल पार्ट की टीम पर ग्रामीणों ने किया हमला।
ग्रामीणों के हमले में वन विभाग के 4 कर्मी घायल
ग्रामीणों की ओर से किए गए पथराव एवं लड़ाई में वन विभाग के चार कर्मचारी घायल हुए हैं। घायल कर्मचारियों का इलाज पोहड़ी अस्पताल में हुआ। वन विभाग की यह टीम मादा चीता का पता लगाने के लिए उसकी गर्दन में लगी जीपीएस का इस्तेमाल करते हुए उसकी लोकेशन की तरफ बढ़ रही थी। रात के समय टीम जब बुराखेड़ा गांव के पास से गुजर रही थी तो ग्रामीणों ने उन्हें पशु चोर समझ लिया और डराने के लिए हवा में गोलीबारी की।
टीम पीछे नहीं हटी तो पत्थरबाजी करते हुए हमला किया
ग्रामीणों की ओर से गोलीबारी करने के बावजूद जब टीम वहां से पीछे नहीं हटी तो लोगों ने उन पर पत्थरबाजी करते हुए हमला कर दिया। इस हमले में वन विभाग का एक वाहन भी क्षतिग्रस्त हुआ। बताया जा रहा है कि गांव में हाल ही में चोरी की कई घटनाएं हुई हैं और इलाके में डकैतों के होने की सूचना है। इसके बाद ग्रामीण पहले से ज्यादा सतर्क हैं।
डुंगारी पोशाक पहने हुए थे वनकर्मी
मादा चीते की तलाश में वन विभाग की टीम ने गांव के कई चक्कर लगाए थे। इससे ग्रामीणों ने उन्हें डकैत समझ लिया। इसी आशंका में एक ग्रामीण ने उनको आगाह करते हुए फायरिंग की। दरअसल, वन विभाग के कर्मचारी डुंगारी पहने हुए थे। यह पोशाक डकैतों में भी लोकप्रिय रही है। कर्मियों की यह पोशाक ग्रामीणों की आशंकाओं को और बढ़ा दिया।
पुलिस में केस दर्ज
कूनो फॉरेस्ट सर्किल श्योपुर के डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर (डीएफओ) पीके वर्मा ने स्थानीय मीडिया से बातचीत में कहा कि स्थानीय पुलिस स्टेशन में एक केस दर्ज हुआ है। पुलिस से इस हमले के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने के लिए कहा गया है।
