AK 203 assault rifle : अब तक की सबसे घातक और आधुनिक असाल्ट राइफल AK-203 का उत्पादन भारत में इसी साल से शुरू हो जाएगा। 2019 में, भारत और रूस ने इंडो- रशियन राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत उत्तर प्रदेश में अमेठी के कोरवा के पास एके -203 असॉल्ट राइफल्स के निर्माण के लिए एक संयुक्त उद्यम लगाया गया है जो दिसंबर के महीने में राइफल का उत्पादन शुरू कर देगा। अमेठी के कोरवा में संयुक्त उद्यम, इंडो-रशियन राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड (IRRPL) द्वारा ₹ 5,000 करोड़ से अधिक की लागत वाली 6.1 लाख से अधिक AK-203 असॉल्ट राइफलों का निर्माण किया जाएगा।रूसी राज्य कंपनी इंडो- रशियन राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड की सह-संस्थापक है।
कलाश्निकोव 'सीरीज़ 200' का हिस्सा है यह राइफल
रूस की नई कलाश्निकोव AK-203 छोटे हथियारों की कलाश्निकोव की 'सीरीज़ 200' का हिस्सा है। रूस के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक भारत में रूस की नई कलाश्निकोवAK-203 असॉल्ट राइफल्स का उत्पादन साल के अंत से पहले शुरू हो सकता है। राइफल्स का निर्माण भारत-रूस के संयुक्त उद्यम द्वारा उत्तर प्रदेश के कोरवा में एक संयंत्र में किया जाएगा। इंडो-रूस राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना 2019 में रूसी मूल के कलाश्निकोव असॉल्ट राइफलों के उत्पादन के लिए की गई थी।
मेड इन इंडिया के तहत बनेगी
रूस की स्टेट आर्म्स कंपनी रोजोबेरॉन एक्सपोर्ट्स के मुताबिक ए के 203 राइफल का उत्पादन 100 फ़ीसदी लोकल रिसोर्सेज के साथ किया जाएगा। AK-203 छोटे हथियारों की कलाश्निकोव की 'सीरीज़ 200' का हिस्सा है, जिसमें लोकप्रिय गोल कैलिबर और बैरल लंबाई वाले कई मॉडल शामिल हैं। इस सीरीज में एडजेस्टेबल स्टॉक और पिकाटनी रेल, साथ ही साथ अन्य एनहैंसमेंट जैसी ट्यूनिंग सुविधाएं शामिल हैं। AK-203 असॉल्ट राइफल में 7.62x39mm राउंड का इस्तेमाल किया जाता है।
लाखों की संख्या में होगा राइफल का उत्पादन
भारत और रूस के बीच हुई डील के मुताबिक सेना समेत सभी सिक्योरिटी एजेंसीज के लिए लाखों की संख्या में AK-203 एसॉल्ट राइफल्स का उत्पादन होना है। गुजरात के गांधीनगर में लगे डिफेंस एक्सपो में AK-203 बनाने वाली रूस की कंपनी रोजोबेरॉन एक्सपोर्ट भी शामिल हो रही है। माना जा रहा है कि इस दौरान इस राइफल के भारत में उत्पादन को लेकर प्लान पर चर्चा की जाएगी।
