Priyanka Gandhi Vadra: दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के दौरान समाचार चैनल के पत्रकार पर हुए हमले और सोमवार को छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर देश की राजनीति गरमा गई है। संसद के मानसून सत्र के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने मीडियाकर्मियों पर हुए हमले और छात्रों के साथ बदसलूकी पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
हम हिंसा के खिलाफ, गांधी जी ने आजादी की लड़ाई लड़ी...पत्रकारों पर हमले पर बोलीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका
उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस किसी भी प्रकार की हिंसा का समर्थन नहीं करती है, लेकिन केंद्र सरकार को मीडिया के सामने छात्रों के साथ हो रहे अत्याचार का सच भी ईमानदारी से रखना चाहिए।
अडानी-अंबानी का कर्ज माफ, छात्रों पर लाठी-आंसू गैस
संसद परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार की नीतियों और पुलिसिया कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए। प्रियंका गांधी ने कहा कि हम हिंसा के पूरी तरह खिलाफ हैं और गांधी जी ने अहिंसा से देश को आजादी दिलाई थी। उन्होंने कहा कि हमारे साथ क्या हुआ वह बेमानी है, लेकिन मीडिया को देश के सामने यह सच भी रखना चाहिए कि अपने अधिकारों की मांग कर रहे निर्दोष छात्रों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि देश का शिक्षा बजट 1.4 लाख करोड़ रुपये है, जबकि सरकार अडानी और अंबानी जैसे उद्योगपतियों के 16 लाख करोड़ रुपये के कर्ज माफ कर रही है। लगातार पेपर लीक से परेशान छात्र न्याय और बदलाव की मांग कर रहे हैं, जो पूरी तरह लोकतांत्रिक है।
काले कपड़ों में विरोध
संसद मार्ग पर छात्रों पर हुई पुलिसिया कार्रवाई और शिक्षा व्यवस्था के मुद्दों को लेकर पूरा विपक्ष लामबंद नजर आया। सुबह कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने एएनआई (ANI) से बातचीत में बताया कि सभी विपक्षी सांसद छात्रों के समर्थन में और सरकार के निरंकुश रवैये के खिलाफ काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे हैं। पवन खेड़ा ने कहा कि यह प्रदर्शन दिल्ली में छात्रों के साथ हुई बर्बरता और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के अपने पद पर बने रहने की जिद के खिलाफ है। विपक्षी दलों ने स्पष्ट किया है कि जब तक घायल छात्रों को न्याय नहीं मिलता और पेपर लीक पर जवाबदेही तय नहीं होती, संसद में विरोध जारी रहेगा।
