PM Modi-Trump Telephonic Talk: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 दिसंबर यानी गुरूवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बात की। दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी में हुई प्रगति की समीक्षा की।नेताओं ने व्यापार, महत्वपूर्ण टेक्नोलॉजी, ऊर्जा, रक्षा और सुरक्षा में सहयोग बढ़ाने पर विचारों का आदान-प्रदान किया।दोनों नेता साझा चुनैतियों से निपटने और साझा हितों को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने पर सहमत हुए।
पीएम मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से की बात (फाइल फोटो: canva)
दोनों नेताओं ने सभी क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग के लगातार मजबूत होने पर संतोष व्यक्त किया।पीएम और राष्ट्रपति ट्रंप ने द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने के साझा प्रयासों में गति बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया।
ऊर्जा, रक्षा और सुरक्षा, और अन्य प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी विचारों का आदान-प्रदान
नेताओं ने महत्वपूर्ण टेक्नोलॉजी, ऊर्जा, रक्षा और सुरक्षा, और अन्य प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया, जो 21वीं सदी के लिए भारत-अमेरिका कॉम्पैक्ट (सैन्य साझेदारी, त्वरित वाणिज्य और टेक्नोलॉजी के लिए अवसरों को उत्प्रेरित करना) के कार्यान्वयन के लिए केंद्रीय हैं।
विभिन्न क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी हुुई चर्चा
नेताओं ने विभिन्न क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी चर्चा की और साझा चुनौतियों से निपटने और साझा हितों को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने पर सहमत हुए। दोनों नेता संपर्क में बने रहने पर सहमत हुए।
पीएम मोदी और इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने फोन पर बात की
वहीं एक दिन पहले यानी 10 दिसंबर को पीएम मोदी और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने फोन पर बात की। दोनों नेताओं ने आतंकवाद की निंदा की और संपर्क में रहने पर सहमति व्यक्त की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का फोन आया। दोनों नेताओं ने भारत-इजराइल रणनीतिक साझेदारी में लगातार बनी गति पर संतोष जताया और इन संबंधों को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
दोनों नेताओं ने आतंकवाद की कड़ी निंदा की
दोनों नेताओं ने आतंकवाद की कड़ी निंदा की और आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों के प्रति अपनी ज़ीरो-टॉलरेंस अप्रोच को दोहराया। उन्होंने पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। पीएम मोदी ने इस क्षेत्र में न्यायपूर्ण और स्थायी शांति के प्रयासों के लिए भारत के समर्थन की पुष्टि की, जिसमें गाजा शांति योजना को जल्द लागू करना शामिल है वहीं दोनों नेता संपर्क में रहने पर सहमत हुए।
