सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने बयान जारी कर किया है कि सांसद का बयान सुप्रीम कोर्ट और चीफ जस्टिस की न केवल मानहानि करने वाला है, बल्कि कोर्ट की अवमानना के दायरे में आता है। देश के वरिष्ठतम वकीलों में से एक कपिल सिब्बल अभी सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं। SCBA ने उम्मीद जताई है कि अटॉर्नी जनरल अवमानना का मुक़दना चलाने के लिये उनके पास लंबित अर्जियों पर अपनी सहमति देंगे।
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे
पास किए गए प्रस्ताव में देश के मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना की गरिमा को पहुंची ठेस पर चिंता जताई गई है।आपको बता दें सुप्रीम कोर्ट में किसी के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू करने के लिए अटॉर्नी जनरल या सॉलिसिटर जनरल की सहमति ज़रूरी होती है।
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इसके पहले देश भर के कई वकील सांसद निशिकांत दूबे के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट की हुई अवमानना के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर अटॉर्नी जनरल को पत्र लिख चुके हैं। वहीं कुछ वकीलों ने इस मुद्दे को देश के संभावित अगले चीफ जस्टिस और सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठता में दूसरे नंबर के न्यायाधीश बी आर गवई के सामने भी उठाया है।
