अब 'वंदे मातरम्' का अपमान करना होगा अपराध, सजा के कड़े प्रावधान वाले कानून को राष्ट्रपति ने दी मंजूरी

राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम (संशोधन) विधेयक, 2026: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी के बाद 'वंदे मातरम्' को लेकर एक अहम कानूनी बदलाव लागू हो गया है। अब राष्ट्रगीत के गायन में जानबूझकर बाधा डालना या उसे रोकने की कोशिश करना दंडनीय अपराध माना जाएगा। नए कानून के तहत 'वंदे मातरम्' को राष्ट्रगान 'जन गण मन' के समान कानूनी संरक्षण प्रदान किया गया है।

Vande Mataram: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम (संशोधन) विधेयक, 2026 को मंजूरी दे दी। राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने के बाद यह विधेयक अब कानून बन गया है। नए कानून के तहत बंकिमचंद्र चटर्जी द्वारा रचित राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' को भी वही कानूनी सुरक्षा प्रदान की गई है, जो अब तक राष्ट्रगान 'जन गण मन' को हासिल थी। सरकार की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, अब वंदे मातरम् के गायन में जानबूझकर रुकावट डालना या इसे रोकने का प्रयास करना कानूनी अपराध माना जाएगा। इस प्रावधान का उद्देश्य राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान और गरिमा को बनाए रखना है।

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'वंदे मातरम्' को मिला 'जन गण मन' जैसा कानूनी संरक्षण

लाल किले पर पहली बार गया जाएगा वंदे मातरम्

इस संशोधन विधेयक को संसद के दोनों सदनों से मंजूरी मिल चुकी है। राज्यसभा ने इसे 29 जुलाई को पारित किया था, जबकि लोकसभा ने 30 जुलाई को इसे अपनी स्वीकृति दी। इसके बाद विधेयक राष्ट्रपति के पास मंजूरी के लिए भेजा गया था। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने यह भी बताया कि इस साल स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान लाल किले की प्राचीर से पहली बार 'वंदे मातरम्' का गायन किया जाएगा। सरकार के इस फैसले को राष्ट्रगीत के महत्व और उसके सम्मान को बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

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