राज्य की सशक्त महिलाओंं ने उत्तराखंड की संस्कृति को मजबूत बनाया, स्थापना दिवस कार्यक्रम में बोलीं राष्ट्रपति मुर्मू

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Nov 9, 2023, 06:30 PM IST

उत्तराखंड के राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि उत्तराखंड की यह भूमि वीर-प्रसवा रही है। स्वाधीनता के बाद के सभी युद्धों में उत्तराखंड के वीरों ने सर्वोच्च बलिदान दिया है। मैं उन सभी वीरों को और वीर-भूमि उत्तराखंड को नमन करती हूं।

उत्तराखंड के राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर पुलिस लाईन देहरादून में आयोजित कार्यक्रम के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने समस्त उत्तराखंड वासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि राज्य गठन के बाद नई पहचान के साथ उत्तराखंड के परिश्रमी लोगों ने राज्य के लिए विकास और प्रगति के नित-नूतन शिखरों पर अपने कदम जमाए हैं। भगवान शिव और भगवान विष्णु के आशीर्वाद-स्वरूप देवालयों से पवित्र उत्तराखंड को ‘देव-भूमि’ कहने की परंपरा वंदनीय है। पर्वतराज हिमालय की पुत्री देवी पार्वती एवं शक्ति के अन्य पूजनीय स्वरूपों से ऊर्जा प्राप्त करने वाली तथा गंगा-यमुना जैसी नदी-माताओं के स्नेह से सिंचित यह पावन धरती ‘देवी-भूमि’ भी है। यह क्षेत्र ‘जय महा-काली’ और ‘जय बदरी-विशाल’ के पवित्र उद्घोष से गुंजायमान रहता है। हेमकुन्ट साहिब और नानक-मत्ता से निकले गुरबानी के स्वर यहां के वातावरण को पावन बनाते हैं।

President Draupadi Murmu on Uttarakhand State Foundation Day

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

इस दौरान राष्ट्रपति ने कहा कि पिछले वर्ष दिसंबर के महीने में मुझे उत्तराखंड की यात्रा करने का अवसर मिला था। उत्तराखंड में आने का प्रत्येक अवसर तीर्थ-यात्रा का पुण्य प्राप्त करने की तरह होता है। उत्तराखंड की इस देव-भूमि से मैं सभी देशवासियों के लिए दीपावली की अग्रिम शुभकामनाएं व्यक्त करती हूं और महा-लक्ष्मी से यह प्रार्थना करती हूं कि उत्तराखंड सहित समस्त भारत को वे धन-धान्य तथा सुख और आरोग्य से परिपूर्ण करें।

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