Penguin clarification over Narvane memoir: पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे की किताब 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' पर उठे राजनीतिक विवाद के बीच पेंग्विन रैंडम हाउस ने 24 घंटे के भीतर दूसरी बार सफाई दी है। पेंग्विन ने मंगलवार को अपने बयान में कहा कि एक पुस्तक तभी प्रकाशित मानी जाती है जब वह सभी रि-टेल चैनल्स पर बीक्री के लिए उपलब्ध हो। रिटेल चैनल वे माध्यम हैं जिनके द्वारा उत्पाद/सेवाएं उत्पादकों से अंतिम उपभोक्ताओं तक पहुंचती हैं।
विवादित पुस्तक पर पेंग्विन ने फिर दी सफाई।
राहुल के आरोप के बाद पेंग्विन ने जारी किया बयान
पेंग्विन की यह सफाई लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के उस आरोप के बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा है कि 'प्रकाशक का यह दावा गलत है कि पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे द्वारा लिखित पुस्तक फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं है। कांग्रेस सांसद के इस आरोप के बाद पेंग्विन ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर कहा कि 'एक पुस्तक तभी प्रकाशित मानी जाती है जब वह रिटेल चैनल्स पर खरीद के लिए उपलब्ध हो। किताब की प्री-ऑर्डर पब्लिशिंग एक मानक प्रक्रिया है। यह पाठकों एवं रिटेलर्स को अग्रिम ऑर्डर देने में मदद करता है। यह पुस्तक अभी तक प्रकाशित नहीं हुई है और यह उपलब्ध नहीं है।'
पेंग्विन ने क्या कहा...
पब्लिशर ने आगे कहा कि 'किसी किताब के बारे में घोषणा, प्री-ऑर्डर के लिए पुस्तक का उपलब्ध होना और एक प्रकाशित किताब एक नहीं हैं।' पेंग्विन ने आगे कहा कि 'वह किताबों में जो कुछ भी वह प्रकाशित करते हैं उसके बारे में स्पष्टता एवं पारदर्शिता बनाए रखने के लिए वे प्रतिबद्ध हैं।'
खुद नरवणे ने एक लिंक साझा किया था-राहुल
राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा कि पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे की पुस्तक को लेकर एक प्रकाशक ने इसके प्रकाशित नहीं होने की बात की है, लेकिन खुद नरवणे ने 2023 में एक टवीट् करके अपनी पुस्तक को खरीदने की अपील करते हुए एक लिंक साझा किया था। राहुल ने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा कि उन्हें नरवणे की बात पर भरोसा है तथा उनकी किताब में कुछ ऐसी बाते हैं जो सरकार तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को असहज कर सकती हैं। दिल्ली पुलिस ने नरवणे की अप्रकाशित पुस्तक के सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के मामले में प्राथमिकी दर्ज की है।
'मेरी किताब का लिंक फॉलो कीजिए'
उसने सोमवार को एक बयान में कहा था, 'दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया मंच और ऑनलाइन समाचार मंचों पर प्रसारित हो रही उन सूचनाओं का संज्ञान लिया है जिनमें दावा किया गया है कि ’फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ नामक पुस्तक की एक प्रति सक्षम अधिकारियों से अनिवार्य मंजूरी के बिना प्रसारित की जा रही है।’ राहुल गांधी ने इसी संदर्भ में कहा, 'नरवणे का एक ट्वीट है जिसमें उन्होंने कहा है, 'मेरी किताब का लिंक फ़ॉलो कीजिए।' अब या तो नरवणे झूठ बोल रहे हैं, या ’पेंगुइन’ (प्रकाशक) झूठ बोल रहा है। मुझे नहीं लगता कि पूर्व थलसेना प्रमुख झूठ बोलेंगे। पेंगुइन कहता है कि किताब प्रकाशित नहीं हुई है, लेकिन किताब अमेजन पर उपलब्ध है। जनरल नरवणे ने 2023 में ट्वीट किया है कि कृपया मेरी किताब ख़रीदिए। मैं पेंगुइन के बजाय नरवणे जी पर भरोसा करता हूं।’
पेंगुइन सच बोल रहा या पूर्व थलसेना प्रमुख तय करें-राहुल
उन्होंने सवाल किया कि क्या पेंगुइन पर नरवणे से ज्यादा भरोसा किया जा सकता है? राहुल गांधी ने कहा, 'मेरा मानना है कि नरवणे जी ने अपनी किताब में कुछ ऐसे बयान दिए हैं जो भारत सरकार और प्रधानमंत्री के लिए असुविधाजनक हैं। स्पष्ट है कि आपको यह तय करना होगा कि पेंगुइन सच बोल रहा है या पूर्व थलसेना प्रमुख।’ कांग्रेस नेता ने एक पोस्टर भी दिखाया, जिसमें भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का उल्लेख करते हुए यह दर्शाया गया है कि प्रधानमंत्री मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने झुक गए।
