Prateek Yadav Death Case: समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के भाई प्रतीक की संदिग्ध मौत का मामला अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) की चौखट पर जा पहुंचा है।
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Prateek Yadav Death Case: समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के भाई प्रतीक की संदिग्ध मौत का मामला अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) की चौखट पर जा पहुंचा है। मानवाधिकारों के लिए काम करने वाली संस्था 'डीके फाउंडेशन' ने इस मामले को संदिग्ध बताते हुए स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
NHRC पहुंचा प्रतीक की मौत का मामला
डीके फाउंडेशन ने अपनी याचिका में आशंका जताई है कि यह मामला केवल सामान्य मृत्यु का नहीं, बल्कि संभावित हत्या का भी हो सकता है। याचिका में कहा गया कि प्रारंभिक तौर पर प्रतीक यादव की मौत का कारण 'कार्डियोरेस्पिरेटरी कोलैप्स' यानी हृदय गति रुकना बताया जा रहा है, लेकिन मृतक के शरीर पर मिले कथित एंटी-मॉर्टम इंजरी (मृत्यु से पहले लगी चोटों) के निशान कई गंभीर सवाल खड़े करते हैं।
SIT जांच की उठी मांग
संस्था का कहना है कि प्रतीक यादव स्वस्थ जीवनशैली के लिए जाने जाते थे, ऐसे में उनकी अचानक मौत और शरीर पर मिले संदिग्ध निशानों की निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है। डीके फाउंडेशन ने NHRC से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की। संस्था ने कहा कि पूरे मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया जाए ताकि जांच पारदर्शी तरीके से हो सके।
याचिका में यह भी कहा गया है कि घटना के समय और अस्पताल ले जाने की प्रक्रिया में कई ऐसे तथ्य हैं जो स्पष्ट नहीं हैं। स्थानीय स्तर पर जांच प्रभावित होने की आशंका है।
डीके फाउंडेशन ने अपनी याचिका में मानवाधिकार उल्लंघन का भी जिक्र किया। याचिका में कहा गया कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रत्येक नागरिक को 'जीवन का अधिकार' प्राप्त है। यदि यह एक हत्या है, तो यह मानवाधिकारों का सबसे क्रूर उल्लंघन है। हमें पूर्ण संदेह है कि यह सामान्य मृत्यु का नहीं, बल्कि एक सुनियोजित हत्या है। वहीं प्रतीक यादव की मौत को लेकर सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर भी कई तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में का... अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।