Karnataka Sex Tape Row: कर्नाटक के चर्चित प्रज्वल रेवन्ना अश्लील वीडियो मामले की जांच कर रही SIT ने अश्लील वीडियो वाली पेन ड्राइव बांटने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने कहा कि विशेष जांच दल ( एसआईटी ) के अधिकारियों ने जेडी (एस) के निलंबित सांसद प्रज्वल रेवन्ना अश्लील वीडियो मामले में दो प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान नवीन गौड़ा और चेतन के रूप में हुई है।
अश्लील वीडियो मामले में SIT की बड़ी कार्रवाई
27 अप्रैल को देश छोड़कर चले गए थे प्रज्वल रेवन्ना
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपियों को उस समय गिरफ्तार किया गया जब वे अग्रिम जमानत की मांग करते हुए हाईकोर्ट में पेश हुए। गिरफ्तार चेतन गौड़ा और नवीन गौड़ा ने कथित तौर पर पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के पोते प्रज्वल रेवन्ना द्वारा महिलाओं का यौन उत्पीड़न करने के वीडियो वाले पेन ड्राइव बांटे।
वीडियो सोशल मीडिया पर घूम रहे थे मौजूदा लोकसभा चुनाव में हासन लोकसभा सीट से एनडीए के उम्मीदवार 33 वर्षीय प्रज्वल मतदान के एक दिन बाद 27 अप्रैल को देश छोड़कर चले गए थे। बाद में उनके अश्लील वीडियो का मामला खूब चर्चा में रहा।
हालांकि एसआईटी ने इसी मामले के सिलसिले में कई बार सुनवाई में शामिल होने के लिए समन जारी किया है, लेकिन प्रज्वल रेवन्ना लगातार सुनवाई से बचते रहे हैं। इंटरपोल ने अब ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी किया है और कोर्ट ने प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया है।
प्रज्वल रेवन्ना ने राजनीतिक साजिश का भी लगाया आरोप
इससे पहले प्रज्वल रेवन्ना ने सोमवार को जारी एक स्वनिर्मित वीडियो में कहा था कि वह पूछताछ के लिए 31 मई को विशेष जांच दल (SIT) के समक्ष पेश होंगे। रेवन्ना ने कहा कि उनकी यात्रा पहले से तय थी, क्योंकि 26 अप्रैल को कर्नाटक में आम चुनाव के लिए मतदान के समय उनके खिलाफ कोई मामला नहीं था। उन्होंने अपने खिलाफ राजनीतिक साजिश का भी आरोप लगाया, क्योंकि वह राजनीति में आगे बढ़ रहे थे।
अधिकारियों के अनुसार, रेवन्ना का ठिकाना अभी भी अज्ञात है और माना जा रहा है कि वह जर्मनी में हैं। निलंबित जनता दल (सेक्युलर) सांसद ने अपने परिवार, पार्टी समर्थकों और राज्य के लोगों से माफ़ी भी मांगी। रेवन्ना ने यह भी दावा किया कि वह अवसाद में चले गए और खुद को अलग-थलग कर लिया, क्योंकि उन्होंने राहुल गांधी और अन्य कांग्रेस नेताओं पर कथित साजिश के तहत इस मुद्दे पर चर्चा शुरू करने का आरोप लगाया।
