Rahul Gandhi: रायबरेली से मनरेगा पर सियासी मोर्चेबंदी, राहुल गांधी का ग्रामीण अभियान तेज

कांग्रेस का आरोप है कि नया क़ानून मनरेगा की 100 दिन की रोज़गार गारंटी को कमजोर करता है और पंचायतों व मज़दूरों के अधिकार सीमित करता है। राहुल गांधी ऊंचाहार में मनरेगा चौपाल के ज़रिये ग्रामीण मज़दूरों से सीधा संवाद करेंगे।

कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी 20 जनवरी 2026 से रायबरेली के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे। माना जा रहा है कि यह दौरा केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा के स्थान पर लाए जा रहे विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी VB-G RAM G Act के विरोध में कांग्रेस की देशव्यापी रणनीति का अहम हिस्सा है। पार्टी इसे “मनरेगा बचाओ अभियान” के रूप में आगे बढ़ा रही है।

Rahul gandhi

राहुल गांधी जाएंगे रायबरेली

यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब एक दिन पहले ही राहुल गांधी केरल के कोच्चि में पार्टी कार्यकर्ताओं की मेगापंचायत को संबोधित कर चुके हैं। कांग्रेस नेतृत्व इसे उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले ग्रामीण मज़दूरों और पंचायत स्तर पर संगठन को मज़बूत करने की कवायद के तौर पर देख रहा है। कांग्रेस का आरोप है कि नया प्रस्तावित क़ानून मनरेगा के तहत मिलने वाली 100 दिन की कानूनी रोज़गार गारंटी को कमजोर करता है। पार्टी का दावा है कि इस नए ढांचे में पंचायतों की भूमिका घटाई जा रही है, मज़दूरों के अधिकारों को सीमित किया जा रहा है और काम के अधिकार को बाध्यकारी की जगह विकल्प के रूप में पेश किया जा रहा है। राहुल गांधी रायबरेली में मनरेगा चौपाल के ज़रिये इसी मुद्दे को ज़मीन पर उठाने की तैयारी में हैं।

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