Narendra Modi USA Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अमेरिकी दौरा खास है। आमतौर पर विपक्ष सवाल यह करता है कि पीएम मोदी पत्रकारों के सवाल का जवाब नहीं देते हैं। लेकिन अमेरिका में वो सवालों का जवाब देंगे। प्रेस कांफ्रेंस के दौरान उनसे दो सवाल सीधे पूछे जाएंगे। एक सवाल अमेरिकी पक्ष और दूसरा सवाल भारतीय पक्ष की तरफ से होगा। रॉयटर्स के मुताबिक व्हाइट हाउस के नेशनल सेक्यूरिटी प्रवक्ता जॉन किरबी ने इसे बिग डील बताया है। 2014 से पीएम की गद्दी संभालने के बाद सीधे तौर पर उन्होंने पत्रकारों के सवाल का जवाब नहीं दिया है। 2019 में वो एक प्रेस कांफ्रेस में शामिल हुए लेकिन सवालों को नहीं लिया। जॉन किरबी ने कहा कि हम कृतज्ञ हैं कि पीएम मोदी प्रेस कांफ्रेंस में हिस्सा लेकर सवालों का जवाब देंगे।
अमेरिकी दौरे पर हैं पीएम नरेंद्र मोदी
सवालों का जवाब देंगे पीएम
व्हाइट हाउस में जब वैश्विक नेताओं के साथ प्रेस कांफ्रेस आयोजित किया जाता है तो सख्त नियंत्रण रहता है। इस दौरान कुछ खास पत्रकारों को ही प्रेस कांफ्रेस का हिस्सा बनने का मौका मिलता है और सीमित सवालों के जवाब दिए जाते हैं। बता दें कि बाइडेन प्रशासन पर पहले से ही 75 सांसदों का दबाव है कि वो पीएम मोदी के साथ लोकतांत्रिक अधिकारों पर बात करें। बताया जा रहा है कि मानवाधिकार का मुद्दा प्रेस कांफ्रेस के दौरान एक अहम टॉपिक हो सकता है। 2014 के बाद से पांच बार पीएम मोदी अमेरिका का दौरा कर चुके हैं। लेकिन यह दौरा इसलिए खास है क्योंकि यह पूर्ण रूप से डिप्लोमेटिक स्टेट्स के साथ राजकीय दौरा है।
‘तकनीकी दशक’ पर काम करने की जरूरत
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शिक्षा तथा कार्यबल को लेकर भारत और अमेरिका की साझा प्राथमिकताओं को रेखांकित करने के लिए यहां आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि विकास की गति को बनाए रखने के वास्ते दोनों देशों को ‘कुशल प्रतिभाओं का विकसित करने’ की जरूरत है।प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को नेशनल साइंस फाउंडेशन (National Science Foundation) द्वारा आयोजित ‘स्किलिंग फॉर फ्यूचर इवेंट’ में हिस्सा लिया, जहां उनकी मेजबानी प्रथम महिला जिल बाइडन ने की।कार्यक्रम समाज में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने और उसका विस्तार करने के लिए उच्च शिक्षा संस्थानों में कार्यबल को नए सिरे से विकसित करने पर केंद्रित था।प्रधानमंत्री ने शिक्षा, कौशल तथा नवाचार को बढ़ावा देने के लिए भारत द्वारा उठाए गए कदमों पर प्रकाश डाला। उन्होंने भारत और अमेरिका के अकादमिक और अनुसंधान पारिस्थितिकी प्रणालियों के बीच चल रहे द्विपक्षीय शैक्षणिक आदान-प्रदान और सहयोग की सराहना की।मोदी ने कहा, ‘‘मैं वास्तव में खुश हूं कि मुझे यहां युवा तथा रचनात्मक सोच वाले लोगों के साथ बातचीत करने का अवसर मिला। भारत एनएसएफ के साथ मिलकर कई परियोजनाओं पर काम कर रहा है। मैं इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए प्रथम महिला जिल बाइडन का शुक्रिया अदा करता हूं।
