प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी बिरसा मुंडा की जयंती पर रांची में उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। मोदी ने ओल्ड सेंट्रल जेल में स्थित भगवान बिरसा मुंडा स्मृति उद्यान-सह-स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालय में बिरसा मुंडा की 25 फुट ऊंची प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। मुंडा ने नौ जून, 1900 को यहीं पर अंतिम सांस ली थी। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झारखंड के खूंटी में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि विकसित भारत संकल्प यात्रा, सैचुरेशन के सरकार के लक्ष्यों को प्राप्त करने का सशक्त माध्यम बनेगी। पीएम जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान, विलुप्त होने की कगार पर खड़ी जनजातियों की रक्षा करेगा, उन्हें सशक्त करेगा। पीएम ने कहा कि अगले 25 वर्षों के अमृतकाल में अगर हमें विकसित भारत की भव्य और दिव्य इमारत का निर्माण करना है तो हमें उसके 4 अमृत स्तंभों को और मजबूत करना होगा। इन चार स्तंभों को हम जितना मजबूत करेंगे, विकसित भारत की इमारत भी उतनी ही ऊंची उठेगी।
झारखंड के खूंटी में पीएम नरेंद्र मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि झारखंड का कोना-कोना ऐसी ही महान विभूतियों, उनके हौसलों और अथक प्रयासों से जुड़ा है। आज झारखंड की इस पावन भूमि से दो ऐतिहासिक अभियानों की शुरुआत होने जा रही है। विकसित भारत संकल्प यात्रा, सेचुरेशन के सरकार के लक्ष्यों को प्राप्त करने का माध्यम बनेगी। पीएम जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान, विलुप्त होने की कगार पर खड़ी जनजातियों की रक्षा करेगा, उन्हें सशक्त करेगा। अपने अनुभवों के आधार पर मैं आज एक अमृत मंत्र आपके सामने रख रहा हूं। अगले 25 वर्षों के अमृतकाल में अगर हमें विकसित, भव्य और दिव्य भारत का निर्माण करना है, तो हमें उसके 4 अमृत स्तंभों को और मजबूत करना होगा।
विकसित भारत के 4 अमृत स्तंभ हैं -
पहला - भारत की महिलाएं, हमारी नारीशक्ति
दूसरा - भारत के किसान, हमारे पशुपालक, मछली पालक, हमारे अन्नदाता
तीसरा - भारत के नौजवान, हमारी युवाशक्ति
चौथा - भारत का मध्यम वर्ग, भारत के गरीब।
पीएम मोदी आज का दिन सौभाग्य से भरा हुआ है। मैं कुछ देर पहले ही भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थली उलिहातू से लौटा हूं। उनके परिजनों से भी बड़ी सुखद मुलाकात हुई है। उस पवित्र माटी को माथे पर लगाने का परम सौभाग्य भी मुझे मिला है। मुझे भगवान बिरसा मुंडा मेमोरियल पार्क और स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालय देखने का भी अवसर मिला है। 2 वर्ष पहले आज के दिन मुझे ये संग्रहालय देश को समर्पित करने का सौभाग्य मिला था। मैं सभी देशवासियों को जनजातीय गौरव दिवस की बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएं देता हूं। आज हम सभी झारखंड के स्थापना दिवस भी मना रहे हैं। अटल जी के प्रयास से ही इस राज्य का गठन हुआ था। अभी देश को, विशेषकर झारखंड को 50 हजार करोड़ रुपये की अलग-अलग योजनाओं का उपहार मिला है। जनजातीय गौरव और संघर्ष के प्रतीक भगवान बिरसा मुंडा की गाथा हर देशवासी को प्रेरणा से भर देती है।
पीएम मोदी ने कहा कि 2014 में जब हमें आप सबने दिल्ली की गद्दी पर बैठाकर सरकार चलाने का दायित्व दिया, उस दिन से हमारा सेवाकाल शुरू हुआ है। हमारे आने से पहले भारत की एक बहुत बड़ी आबादी मूलभूत सुविधाओं से वंचित थी। देश के करोड़ों गरीबों ने इस बात की उम्मीद छोड़ दी थी कि कभी उनका जीवन बदल पाएगा। उस समय सरकारों का रवैया भी ऐसा था कि वो खुद को जनता का माई बाप समझती थी। लेकिन हमने सेवा की भावना से आपके सेवक की तरह काम करना शुरू किया। जो वंचित थे, हमने उन्हें वरीयता देना शुरू किया। जिन्हें सबसे दूर समझा जाता था, सरकार खुद चलकर उनके पास गई। जो दशकों से उपेक्षित थे, हमारी सरकार उनका संबल बनी, उनकी साथी बनी।
पीएम मोदी ने कहा कि हमारे देश में 110 से ज्यादा जिले ऐसे थे, जो विकास के हर क्षेत्र में पिछड़े हुए थे। पहले की सरकार बस उनकी पहचान कर के छोड़ देती थी। इन जिलों में शिक्षा, स्वास्थ सुविधाएं दशकों से दयनीय स्थिति में थी। संयोग देखिए, इन्हीं जिलों में देश की सबसे ज्यादा आदिवासी परिवार रहते थे। इन जिलों को अपने हाल पर छोड़कर भारत कभी विकसित नहीं हो सकता था। इसलिए वंचितों को वरीयता के सिद्धांत पर चलते हुए हमारी सरकार ने इन जिलों को आकांक्षी जिला घोषित किया। इन जिलों में हम शिक्षा, स्वास्थ और सड़क जैसे अनेक विषयों पर शून्य से काम शुरू करके सफलता के नए शिखर पर पहुंच रहे हैं।
दशकों तक हमारे देश में सामाजिक न्याय और सेक्युलरिज्म को लेकर बहुत सी बातें होती रहीं। लेकिन सच्चा सेक्युलरिज्म तभी आता है, जब देश के किसी भी नागरिक के साथ भेदभाव की सारी संभावनाएं खत्म हो जाएं। सामाजिक न्याय का भरोसा तभी मिलता है, जब सबको बराबरी से, समान भावना से सरकारी योजनाओं का लाभ मिले। आज से विकसित भारत संकल्प यात्रा का शुभारंभ हो रहा है। ये यात्रा आज 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा की जन्मजयंती से शुरू होकर अगले साल 26 जनवरी तक चलेगी। इस यात्रा में सरकार मिशन मोड़ में देश के गांव-गांव जाएगी, हर गरीब, हर वंचित को सरकारी योजनाओं का लाभार्थी बनाया जाएगा।
