Times Now Navbharat पर पीएम मोदी का सबसे भावनात्मक इंटरव्यू, एक-एक आरोप का दिया जवाब, जानिए क्या-क्या कहा

यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा टाइम्स नाउ और टाइम्स नाउ नवभारत को दिया गया सबसे बड़ा, सबसे भावनात्मक इंटरव्यू है। यह इंटरव्यू इसलिए महत्व रखता है क्योंकि यह चुनाव के तीसरे चरण से ठीक पहले हुआ है।

PM Narendra Modi Super Exclusive Interview: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टाइम्स नाउ नवभारत से खास बातचीत में राम मंदिर, सीएए, समान नागरिक संहिता, काशी से भावात्मक जुड़ा और मुस्लिम विरोधी होने के आरोप सहित कई मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। टाइम्स नाउ और टाइम्स नाउ नवभारत की ग्रुप एडिटर-इन-चीफ और टाइम्स नाउ नवभारत के कंसल्टिंग एडिटर सुशांत सिन्हा से इस एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में पीएम मोदी ने वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य का भी विश्लेषण किया। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा टाइम्स नाउ और टाइम्स नाउ नवभारत को दिया गया सबसे बड़ा, सबसे भावनात्मक इंटरव्यू है। यह इंटरव्यू इसलिए महत्व रखता है क्योंकि यह चुनाव के तीसरे चरण से ठीक पहले हुआ है। तीसरे चरण में पीएम मोदी के अपने गृह राज्य गुजरात के साथ-साथ बीजेपी के गढ़ों में भी मतदान होगा।

Modi Emotional Interview

पीएम मोदी का खास इंटरव्यू

विपक्ष के आरोपों का खुलकर दिया जवाब

इस इंटरव्यू में पीएम मोदी ने 'लोकतंत्र मर चुका है', विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारी और प्रज्वल रेवन्ना मामले पर विपक्ष के आरोपों पर खुलकर जवाब दिया। पीएम मोदी ने वाराणसी से अपने जुड़ाव के बारे में भी बताया। अपनी मां के बारे में बात करते समय पीएम की आंखों में आंसू छलक आए। उन्होंने कहा कि यह पहला नामांकन होगा जिसे वह अपनी मां का आशीर्वाद लिए बिना दाखिल करेंगे।

'तानाशाही' पर नरेंद्र मोदी

मान लीजिए 100 बिंदु हैं जो तानाशाही को परिभाषित करते हैं। आइए एक तरफ कांग्रेस लिखें और दूसरी तरफ बीजेपी। तानाशाही के बॉक्स पर टिक कौन करता है? उनकी दादी ने क्या किया, उसके आगे टिक लगाओ, फिर मोदी की पार्टी के नेताओं ने क्या किया, उसके आगे टिक लगाओ। उनके परदादा ने क्या किया उसके आगे टिक का निशान लगाओ। उनकी सरकार न्यूजरूम में आकर बैठ जाएगी। क्या वे कभी इस पर बहस करेंगे? टिक का निशान लगाएं। नेहरू जी का संविधान में पहला संशोधन क्या था? टिक का निशान लगाएं। आपातकाल के दौरान पत्रकार जेल में बैठकर अत्याचारों पर कविताएं लिखते थे। टिक का निशान लगाएं। मेरा मानना है कि इन 100 बिंदुओं में से एक भी आरोप जो वे लगा रहे हैं, हमारे खिलाफ एक भी आरोप सच नहीं निकलेगा। हम पूर्णतः लोकतांत्रिक हैं। लोकतंत्र हमारी रगों में दौड़ता है।

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