नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति पुतिन के सहयोगी और रूस के समुद्री बोर्ड के अध्यक्ष निकोलाई पात्रुशेव से मुलाकात की। उन्होंने 'एक्स' पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि पात्रुशेव का स्वागत करके प्रसन्नता हुई। बताया कि हमने समुद्री क्षेत्र में सहयोग पर उपयोगी चर्चा की है, जिसमें कनेक्टिविटी, कौशल विकास, जहाज निर्माण और नीली अर्थव्यवस्था में सहयोग के नए अवसर शामिल हैं। इतना ही नहीं दोनों देशों के मध्य रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर चर्चा की है। वहीं, दिसंबर में होने वाले भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन की तैयारियों की समीक्षा की गई।
रूसी अधिकारी से मिले पीएम मोदी (फोटो-ANI)
दरअसल, रूसी राष्ट्रपति पुतिन अगले महीने भारत की यात्रा पर आने वाले हैं। लिहाजा रूस के समुद्री बोर्ड के अध्यक्ष पात्रुशेव और मोदी ने कनेक्टिविटी, दक्षता विकास, जहाज निर्माण और समुद्री क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने पर विचारों का आदान-प्रदान किया। प्रधानमंत्री मोदी ने पात्रुशेव को अवगत कराया कि वह अगले महीने राष्ट्रपति पुतिन की भारत में मेजबानी करने के लिए उत्सुक हैं।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शंघाई में व्लादिमीर पुतिन से की मुलाकात
उधर, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्य देशों के प्रतिनिधिमंडल प्रमुखों के साथ मंगलवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। जयशंकर एससीओ के राष्ट्राध्यक्ष परिषद की बैठक में हिस्सा लेने के लिए यहां आए हैं। विदेशमंत्री ने सोशल मीडिया मंच के जरिये जानकारी दी कि आज दोपहर एससीओ प्रतिनिधिमंडल के अन्य प्रमुखों के साथ राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात की।
क्रेमलिन में हुई बैठक में रूस के प्रधानमंत्री मिखाइल मिशुस्तिन, ईरान के उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा अरेफ, बेलारूस के प्रधानमंत्री अलेक्जेंडर तुर्चिन, कजाकिस्तान के ओलजस बेक्टेनोव, किर्गिस्तान के एडिलबेक कासिमलियेव, ताजिकिस्तान के कोखिर रसूलजोदा और उज्बेकिस्तान के अब्दुल्ला अरिपोव के साथ-साथ पाकिस्तान के उप प्रधान मंत्री इशाक डार और एससीओ महासचिव नुरलान यरमेकबायेव भी शामिल हुए। जयशंकर ने सोमवार को अपने रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव के साथ वस्तृत बातचीत की। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब दोनों पक्ष राष्ट्रपति पुतिन की 23वें वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए भारत यात्रा की तैयारी कर रहे हैं।
रूसी राष्ट्रपति के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ वार्षिक शिखर वार्ता के लिए पांच दिसंबर के आसपास भारत आने की उम्मीद है। जयशंकर ने एससीओ से इतर मंगोलिया के प्रधानमंत्री गोम्बोजाविन ज़ंदनशतार और कतर के प्रधानमंत्री सह विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी से भी मुलाकात की।
उन्होंने एससीओ शासनाध्यक्षों की बैठक की मेजबानी के लिए रूस के प्रधानमंत्री मिशुस्तिन को धन्यवाद दिया और उनके आतिथ्य की प्रशंसा की।
