PM Modi Operation Sindoor: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि ऑपरेशन सिंदूर आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ प्रतिक्रिया और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में सैन्य और आतंकी ढांचे के खिलाफ सैन्य अभियान के एक वर्ष पूरे होने पर प्रधानमंत्री ने कहा कि एक साल बाद भी भारत आतंकवाद को हराने और उसे पोषित करने वाले तंत्र को नष्ट करने के अपने संकल्प में पहले की तरह ही अडिग है।
पीएम मोदी ने X, FB, Instagram और WhatsApp पर की इस फोटो को लगाने की अपील, खुद भी बदली DP
वहीं, पीएम मोदी ने अपने X पर DP को भी बदल दिया है। उन्होंने लोगों से भी कहा वे भी अपनी DP को बदलकर ऑपरेशन सिंदूर से जोड़ें। पीएम मोदी ने कहा, 'एक साल पहले, #OperationSindoor के दौरान, हमारी सेनाओं ने अपनी बहादुरी का प्रदर्शन किया और उन लोगों को करारा जवाब दिया जिन्होंने हमारे लोगों पर हमला किया था। हर भारतीय को हमारी सेनाओं पर गर्व है। हमारी सेनाओं और #OperationSindoor के दौरान उनकी सफलता के प्रति सम्मान के तौर पर, आइए हम सभी X, Facebook, Instagram और WhatsApp समेत सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी डिस्प्ले पिक्चर (DP) को, नीचे दी गई तस्वीर से बदल लें।'
मोदी ने कहा कि एक साल पहले भारतीय सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बेजोड़ साहस, सटीकता और दृढ़ संकल्प का प्रदर्शन किया था। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों ने पहलगाम में निर्दोष भारतीयों पर हमला करने की हिमाकत करने वालों को मुंहतोड़ जवाब दिया और पूरा देश भारतीय बलों के शौर्य को सलाम करता है।
सुरक्षा बलों के बीच बढ़ती एकजुटता: मोदी
प्रधानमंत्री ने X पर एक पोस्ट में कहा, 'ऑपरेशन सिंदूर आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ प्रतिक्रिया और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इसने हमारे सशस्त्र बलों के पेशेवर रवैये, तैयारी और समन्वित शक्ति को उजागर किया।' मोदी ने कहा कि साथ ही इस अभियान ने भारतीय सुरक्षा बलों के बीच बढ़ती एकजुटता को प्रदर्शित किया और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए किए गए प्रयासों से देश की राष्ट्रीय सुरक्षा को मिली मजबूती को रेखांकित किया।
ऑपरेशन सिंदूर
ऑपरेशन सिंदूर को तीनों रक्षा बलों द्वारा सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के साथ पश्चिमी सीमा पर सात से 10 मई, 2025 तक पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए अंजाम दिया गया था। यह अभियान 22 अप्रैल, 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में चलाया गया था, जिसमें 26 लोग मारे गए थे। मृतकों में अधिकतर पर्यटक थे।
