PM Modi in Karnataka: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को लोगों से 'विकसित कर्नाटक और विकसित भारत' के लक्ष्य को हासिल करने के लिए जल संरक्षण, प्राकृतिक खेती, फिटनेस और सेवा समेत नौ सामूहिक संकल्प लेने की अपील की। अपनी प्राथमिकताओं को गिनाते हुए मोदी ने कहा कि उनका पहला आग्रह जल संरक्षण और बेहतर जल प्रबंधन को लेकर है। इसके बाद उन्होंने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत वृक्षारोपण, सार्वजनिक और धार्मिक स्थलों पर स्वच्छता, 'वोकल फॉर लोकल' के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने, घरेलू पर्यटन को प्रोत्साहित करने, रसायन मुक्त प्राकृतिक खेती अपनाने, मोटे अनाज के साथ स्वस्थ भोजन करने और तेल के कम उपयोग को बढ़ावा देने की अपील की।
पीएम मोदी ने की लोगों से नौ संकल्प लेने की अपील, कांग्रेस के राज्य में दिया 'विकसित कर्नाटक और विकसित भारत' का नारा
मोदी ने लोगों से योग और फिटनेस को अपनाने तथा सेवा भाव को बढ़ाने का भी आग्रह किया। उन्होंने मांड्या स्थित आदिचुंचनगिरि महासंस्थान मठ में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा, 'यदि हम इन नौ संकल्पों पर ईमानदारी और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ें, तो हम तेजी से विकसित कर्नाटक और विकसित भारत की दिशा में प्रगति कर सकते हैं।'
आदिचुंचनगिरि महासंस्थान मठ
यह मंदिर पूज्य संत श्री बालगंगाधरनाथ महास्वामी की स्मृति में समर्पित एक स्मारक है, जो मठ के 71वें पीठाधीश्वर थे और प्रमुख वोक्कालिगा समुदाय द्वारा अत्यंत श्रद्धा से पूजे जाते हैं। इसके साथ मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री और जनता दल (सेक्युलर) के प्रमुख एच डी देवेगौड़ा के साथ मिलकर 'सौंदर्य लहरी और शिव महिम्न स्तोत्रम' नामक पुस्तक का भी विमोचन किया।
'मंदिर' के उद्घाटन से पहले प्रधानमंत्री ने ज्वाला पीठ का दौरा किया, जहां मान्यता के अनुसार भगवान शिव ने तपस्या की थी। मोदी ने श्री कालभैरवेश्वर स्वामी मंदिर में भी जाकर पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर राज्यपाल थावरचंद गहलोत, आदिचुंचनगिरि महासंस्थान मठ के वर्तमान पीठाधीश्वर निर्मलानंदनाथ महास्वामी, केंद्रीय मंत्री एच डी कुमारस्वामी और शोभा करंदलाजे सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
