Narendra Modi Shahdol Visit: मध्य प्रदेश में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं। सियासी तौर पर समीकरणों को साधने की तैयारी शुरू हो चुकी है। इन सबके बीच पीएम नरेंद्र मोदी का शहडोल दौरा खास रहने वाला है। वैसे तो वो सिकल सेल रोग के खिलाफ लड़ाई में योजना की शुरुआत करने वाले हैं। लेकिन आदिवासी बहुल शहडोल में उनके दौरे को सियासी चश्मे से भी देखा जा रहा है।रानी दुर्गावती गौरव यात्रा का वो समापन करने वाले हैं। यह यात्रा मध्य प्रदेश के बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, कलिंजर फोर्ट, सीधी से 22 जून को शुरू हुई थी। 1 जुलाई को यात्रा शहडोल में संपन्न होने वाली है। जानकार कहते हैं कि शहडोल का चुना राजनीति सोच के तहत किया गया है। राज्य में करीब अनुसूचित जनजाति करीब 17 फीसद है। अगर विधानससभा की सीटों की बात करें तो 230 सीटों में से 47 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए सुरक्षित हैं।
मध्य प्रदेश के दौरे पर होंगे पीएम नरेंद्र मोदी
पीएम मोदी का एमपी दौरा
- 1 अप्रैल 2023 को भोपाल के कमलापति रेलवे स्टेशन से भोपाल-नई दिल्ली वंदे भारत को हरी झंडी
- 24 अप्रैल 2023 को रीवा में राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस कार्यक्रम के दौरान जनसभा को संबोधन
- 27 जून 2023 को रानी कमलापति स्टेशन पर आगमन, पांच वंदे भारत एक्सप्रेस को दिखाई हरी झंडी
- 1 जुलाई को शहडोल के लालपुर में सभा को करेंगे संबोधित
शहडोल क्यों है खास
शहडोल रीजन में एसटी समाज की संख्या अधिक है और बीजेपी किसी भी कीमत पर इसे जीतने की कोशिश कर रही है। 2013 के चुनाव में बीजेपी के खाते में कुल 37 एसटी सीटें आई थीं। लेकिन 2018 के चुनाव में यह आंकड़ा घट गया। इस दफा कांग्रेस 31 सीट जीतने में कामयाब रही। बीजेपी को महज 16 सीटों से संतोष करना पड़ा।2018 के चुनाव में बीजेपी को करीब 41 फीसद मत और 109 सीटें हासिल हुई थी। अगर कांग्रेस की बात करें तो करीब 40 फीसद मतों के साथ 114 सीट जीतने में कामयाब रही। अगर आप एसटी सीट पर जीत को देखें तो बीजेपी की महज 16 सीटों पर जीत सत्ता से दूर होने की वजह बन गई। लिहाजा बीजेपी किसी भी कीमत पर एसटी सीटों पर हुए नुकसान की भरपाई करना चाहती है। लिहाजा बीजेपी के बड़े नेता बार बार अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति सीटों पर दौरा कर रहे हैं।
