PM Modi Punjab Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 9 सितंबर को बाढ़ प्रभावित पंजाब का दौरा करेंगे। पीएम मोदी 9 सितंबर को गुरदासपुर, पंजाब जाएंगे। पंजाब बीजेपी ने ट्वीट करके यह जानकारी दी है। पंजाब बीजेपी ने ट्वीट किया- माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी 9 सितंबर को गुरदासपुर, पंजाब आ रहे हैं। वे बाढ़ प्रभावित भाई-बहनों और किसानों से सीधे मुलाकात कर उनका दुख साझा करेंगे और पीड़ितों की मदद के लिए हर संभव कदम उठाएंगे। प्रधानमंत्री का यह दौरा साबित करता है कि केंद्र की भाजपा सरकार हमेशा पंजाब के लोगों के साथ खड़ी है और इस कठिन समय में पूरा सहयोग प्रदान करेगी।
पीएम मोदी करेंगे पंजाब का दौरा (PTI)
पंजाब में विनाशकारी बाढ़ से 46 की मौत
पंजाब में विनाशकारी बाढ़ के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 46 हो गई है, जबकि 1.75 लाख हेक्टेयर भूमि पर लगी फसलें बाढ़ से क्षतिग्रस्त हो गई हैं। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), सेना, सीमा सुरक्षा बल, पंजाब पुलिस और जिला अधिकारियों द्वारा राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है।
पंजाब दशकों में आई अपनी सबसे भीषण बाढ़ का सामना कर रहा है। हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के बाद सतलुज, व्यास और रावी जैसी नदियों के साथ-साथ मौसमी नालों में आए उफान के कारण यह बाढ़ आई है। इसके अलावा, हाल के दिनों में पंजाब में हुई भारी बारिश ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है, जिससे निवासियों के सामने आने वाली चुनौतियाँ और बढ़ गई हैं।
अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को पोंग बांध का जलस्तर मामूली रूप से घटकर 1,394.19 फीट रह गया, हालांकि यह अपनी ऊपरी सीमा 1,390 फीट से चार फीट ऊपर बना हुआ है। शुक्रवार शाम को बांध का जलस्तर 1,394.8 फीट था। अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार को बांध में पानी का प्रवाह 99,673 क्यूसेक से घटकर 47,162 क्यूसेक रह गया, जबकि निकासी 99,673 क्यूसेक पर अपरिवर्तित रही।
भाखड़ा बांध में जलस्तर शुक्रवार के 1,678.47 फीट के मुकाबले 1,678.14 फीट था। अधिकारियों ने बताया कि सतलुज नदी पर बने इस बांध में पानी का प्रवाह 62,481 क्यूसेक और बहिर्वाह 52,000 क्यूसेक रहा। राज्य के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बाढ़ को पिछले पांच दशकों में सबसे भीषण बताते हुए कहा कि पंजाब और पड़ोसी पहाड़ी राज्यों में लगातार बारिश से व्यापक तबाही हुई है और सभी जिलों के लगभग 2,000 गाँव प्रभावित हुए हैं।
3.87 लाख से अधिक नागरिक प्रभावित
बाढ़ पर नवीनतम बुलेटिन के अनुसार, 3.87 लाख से अधिक नागरिक प्रभावित हुए हैं और 46 लोगों की मौत हो गई है। 1 अगस्त से 5 सितंबर के बीच 14 जिलों में 43 लोगों की मौत हुई है। बाढ़ के कारण 23 जिलों के कुल 1,996 गांव प्रभावित हुए हैं। सबसे ज्यादा मौतें होशियारपुर और अमृतसर (सात-सात) में हुई हैं, इसके बाद पठानकोट (छह), बरनाला (पांच), लुधियाना और बठिंडा (चार-चार), मानसा (तीन), गुरदासपुर, रूपनगर और एसएएस नगर (दो-दो) हैं, जबकि पटियाला, संगरूर, फाजिल्का और फिरोजपुर में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है। पठानकोट में तीन लोग लापता हैं।
