'हिंदुस्तान जन्नत का वह नमूना है जहां तहजीब का हर रंग फला-फूला', PM मोदी ने पोस्ट किया 'जहान-ए-खुसरो' का Video

Jahan-e-Khusrau Video : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सूफी संगीत महोत्सव 'जहां ए खुसरो' का वीडियो पोस्ट करते हुए कहा है कि 'हिंदुस्तान जन्नत का वह नमूना है जहां तहजीब का हर रंग फला-फूला है। इस संगीत में हिंदुस्तान की मिट्टी की खूश्बू आती है। सूफी परंपरा ने न केवल इंसान की रूहानी दूरियों को खत्म किया बल्कि दुनिया की दूरियों को भी कम किया।

Jahan-e-Khusrau Video : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सूफी संगीत महोत्सव 'जहां ए खुसरो' का वीडियो पोस्ट करते हुए कहा है कि 'हिंदुस्तान जन्नत का वह नमूना है जहां तहजीब का हर रंग फला-फूला है। इस संगीत में हिंदुस्तान की मिट्टी की खूश्बू आती है। सूफी परंपरा ने न केवल इंसान की रूहानी दूरियों को खत्म किया बल्कि दुनिया की दूरियों को भी कम किया। रूमी ने कहा था शब्दों को ऊंचाई दें, आवाज को नहीं क्योंकि फूल बारिश में पैदा होते हैं, तूफान में नहीं।' पीएम ने कहा कि 25 सालों में लोगों की जेहन में जगह बना लेना इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी कामयाबी है। इस मौके पर पीएम ने सूफी संगीत का लुत्फ उठाया और सूफी कलाकारों से मुलाकात की।

Jahan-e-Khusrau programme

'जहां ए खुसरो' कार्यक्रम में पीएम मोदी।

पीएम ने कहा 'हमारा हिंदुस्तान जन्नत का वह बगीचा है जहां तहजीब का हर रंग फला-फूला है। यहां की मिट्टी के मिजाज में ही कुछ खास है। शायद इसलिए जब सूफी परंपरा हिंदुस्तान आई, तो उसे भी लगा कि जैसे वह अपनी ही जमीं से जुड़ गई हो।' प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर देशवासियों को रमजान की मुबारकबाद भी दी। उन्होंने कहा कि किसी भी देश की सभ्यता, उसकी तहजीब को स्वर उसके गीत-संगीत से मिलते हैं और उसकी अभिव्यक्ति कला से होती है। उन्होंने कहा, "भारत में सूफी परंपरा ने अपनी एक अलग पहचान बनाई। सूफी संतों ने खुद को मस्जिद और खानकाहों तक सीमित नहीं रखा है। उन्होंने पवित्र कुरान के हर्फ पढ़े तो वेदों के शब्द भी सुने, उन्होंने अज़ान की सदा में भक्ति के गीतों की मिठास को जोड़ा।"

End of Feed