सांसदों की राज्यसभा विदाई: पीएम मोदी ने संसद को बताया ओपन यूनिवर्सिटी, जानिए बड़ी बातें

प्रधानमंत्री का यह संबोधन न केवल विदाई का संदेश था, बल्कि राजनीति में निरंतरता, अनुभव और लोकतांत्रिक मूल्यों की अहमियत को रेखांकित करने वाला एक व्यापक दृष्टिकोण भी था।

राज्यसभा से सेवानिवृत्त हो रहे सांसदों के लिए आयोजित विदाई समारोह इस बार केवल औपचारिकता नहीं रहा, बल्कि लोकतांत्रिक परंपराओं और राजनीतिक मूल्यों की गहराई को दर्शाने वाला अवसर बन गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि राजनीति में पूर्णविराम जैसा कुछ नहीं होता—भूमिकाएं बदलती हैं, लेकिन जनसेवा का संकल्प हमेशा कायम रहता है।

PM in Rajya sabha

राज्यसभा में सांसदों की विदाई

अनुभवी नेताओं को बताया लोकतंत्र की धरोहर

प्रधानमंत्री ने वरिष्ठ नेताओं जैसे एच डी देवेगौड़ा, मल्लिकार्जुन खरगे, और शरद पवार का विशेष उल्लेख करते हुए उन्हें भारतीय संसदीय लोकतंत्र की संस्थागत स्मृति बताया। उन्होंने कहा कि दशकों का उनका अनुभव नई पीढ़ी के सांसदों के लिए मार्गदर्शक है और उनसे राजनीतिक अनुशासन व मर्यादा सीखने की आवश्यकता है।

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