PM Modi mets President Droupadi Murmu: भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिन्दूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे प्रतिबंधित आतंकी संगठनों के ठिकानों समेत आतंकियों के छिपने के नौ अड्डों को मंगलवार देर रात ध्वस्त कर दिया। निशाना बनाए गए ठिकानों में बहावलपुर का मरकज सुभान अल्लाह, तेहरा कलां का सरजल, कोटली का मरकज अब्बास और मुजफ्फराबाद का सैयदना बिलाल कैंप शामिल हैं। ये सभी ठिकाने जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े हैं। पहलगाम आतंकी हमले के दो सप्ताह बाद ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत ये सैन्य हमले किए गए। भारतीय सशस्त्र बलों के इस ऑपरेशन के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कैबिनेट की बैठक की। इसके बाद पीएम ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलकर 'ऑपरेशन सिन्दूर' के संदर्भ में कुछ देर बैठक की। बता दें कि, केन्द्र सरकार ने बुधवार सुबह 11 बजे सर्वदलीय बैठक भी बुलाई है, जिसमें भारतीय सेना के पराक्रम पर चर्चा संभावित है।
पीएम ने की कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पाकिस्तान पर एयर स्ट्राइक के बाद बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता की। मंत्रिमंडल की बैठक से पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने प्रधानमंत्री मोदी को स्थिति से अवगत कराया। प्रधानमंत्री ने बैठक में पाकिस्तान के खिलाफ चलाए गए 'ऑपरेशन सिन्दूर' की सदस्यों को जानकारी दी। बैठक में उन्होंने भारतीय सेना की प्रशंसा भी की। कैबिनेट बैठक की शुरुआत में पीएम मोदी को कैबिनेट मंत्रियों ने 'ऑपरेशन सिन्दूर' के लिए बधाई दी। कैबिनेट से जुड़े सूत्र ने बताया कि भारतीय सेना ने तैयारी के अनुसार बिना किसी गलती के कार्रवाई को अंजाम दिया। केंद्रीय कैबिनेट के सभी मंत्रियों ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व के प्रति विश्वास जताते हुए कहा कि पूरा देश उनके साथ है। इस दौरान पीएम ने सेना की सराहना करते हुए इसे गर्व का पल बताया।
भारतीय सेना ने कॉन्फ्रेंस में बताई कई बातें
भारतीय सेना, वायुसेना और विदेश मंत्रालय ने ‘ऑपरेशन सिन्दूर’ को लेकर संयुक्त प्रेस ब्रीफिंग की। इस विदेश सचिव विक्रम मिस्री, वायुसेना की विंग कमांडर व्योमिका सिंह और भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी शामिल हुईं। सैन्य अधिकारियों ने आतंकी ठिकानों पर किए गए हमले की क्लिप भी दिखाई। कर्नल सोफिया कुरैशी ने इस ऑपरेशन को लेकर बताया, 'पहलगाम आतंकवादी हमले के पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया गया था। 9 आतंकवादी शिविरों को निशाना बनाकर नष्ट कर दिया गया। पीओजेके में पहला लक्ष्य मुजफ्फराबाद में सवाई नाला कैंप था, जो नियंत्रण रेखा से 30 किलोमीटर दूर स्थित है। यह लश्कर-ए-तैयबा का प्रशिक्षण केंद्र था। 20 अक्टूबर 2024 को सोनमर्ग, 24 अक्टूबर 2024 को गुलमर्ग और 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए हमलों में शामिल आतंकवादियों ने यहीं से प्रशिक्षण प्राप्त किया था।' वहीं, वायुसेना की विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने बताया, 'रात 1 बजकर पांच मिनट से 1 बजकर 30 मिनट के बीच हमला किया गया।'
