राजधानी नई दिल्ली में आयोजित हो रहे 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान भारत की कूटनीतिक धमक पूरी दुनिया में देखने को मिल रही है। सम्मेलन के इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के साथ एक बेहद महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक की। इस दौरान यूएन प्रमुख ने चौथी बार ब्रिक्स की सफल अध्यक्षता संभालने के लिए भारत और प्रधानमंत्री मोदी को बधाई दी।
पीएम मोदी से मिले UN चीफ एंटोनियो गुटेरेस (फोटो: X/@narendramodi)
इस खास मुलाकात में दोनों नेताओं ने बदलते वैश्विक परिदृश्य में बहुपक्षवाद (Multipolarity) को बनाए रखने पर जोर दिया। इसके साथ ही, वर्तमान समय की वास्तविकताओं को ध्यान में रखते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) समेत तमाम अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में तुरंत सुधार की आवश्यकता पर सहमति व्यक्त की। बैठक में वैश्विक संघर्षों के शांतिपूर्ण समाधान, नौवहन की स्वतंत्रता, सतत विकास, मानव-केंद्रित कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), अक्षय ऊर्जा में प्रगति और वैश्विक खाद्य सुरक्षा जैसे गंभीर विषयों पर विस्तार से बातचीत हुई।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए दुनिया भर के दिग्गज नेता दिल्ली में जुटे
12 और 13 सितंबर को आयोजित हो रहे इस 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए दुनिया भर के दिग्गज नेता दिल्ली पहुंच चुके हैं। यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के अलावा, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा, और कई अन्य सदस्य व साझेदार देशों के प्रतिनिधि भारत पहुंचे हैं।
वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए भी अहम
इस बार भारत की अध्यक्षता का मुख्य विषय "लचीलापन, नवाचार, सहयोग और निरंतरता के लिए निर्माण" (Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability) रखा गया है। 11 देशों वाले इस शक्तिशाली समूह के माध्यम से भारत 'ग्लोबल साउथ' (विकासशील देशों) की आवाज को वैश्विक मंचों पर मजबूती से उठाने का काम कर रहा है। नई दिल्ली में हो रहा यह सम्मेलन न केवल आर्थिक और व्यापारिक दृष्टिकोण से अहम है, बल्कि यह वैश्विक शांति और स्थिरता की दिशा में भी एक बड़ा कदम साबित हो रहा है।
