आपसी रिश्ते की नई मंजिल पर भारत-मॉरीशस, दोनों देशों के बीच हुए कई MoU पर हस्ताक्षर

MoUs between India and Mauritius : आपसी रिश्ते को और मजबूत बनाते हुए भारत और मॉरीशस के बीच बुधवार को कई सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर हुए। जिन सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर हुए उनमें करेंसी सेटलमेंट सिस्टम, जल, शिपिंग इंफार्मेशन की साझेदारी प्रमुख हैं। स्थानीय करेंसी सेटलमेंट सिस्टम पर मॉरीशस के सेंट्रल बैंक और भारतीय रिजर्व बैंक के बीच सहमति पत्र पर हस्ताक्षर हुए।

MoUs between India and Mauritius : आपसी रिश्ते को और मजबूत बनाते हुए भारत और मॉरीशस के बीच बुधवार को कई सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर हुए। जिन सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर हुए उनमें करेंसी सेटलमेंट सिस्टम, जल, शिपिंग इंफार्मेशन की साझेदारी प्रमुख हैं। स्थानीय करेंसी सेटलमेंट सिस्टम पर मॉरीशस के सेंट्रल बैंक और भारतीय रिजर्व बैंक के बीच सहमति पत्र पर हस्ताक्षर हुए। जबकि पाइप रिप्लेसमेंट प्रोग्रोम के तहत केंद्रीय जल प्राधिकरण द्वारा लागू की जा रही परियोजनाओं की फंडिंग के लिए मॉरीशस सरकार और भारतीय स्टेट बैंक के बीच क्रेडिट फेसिलिटी एग्रीमेंट हुआ। इस करार का उद्देश्य दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी बढ़ाना है।

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भारत-मॉरीशस के बीच कई सहमति पत्र पर हस्ताक्षर।

‘ग्लोबल साउथ’के लिए सेतु है मॉरीशस-पीएम

पीएम मोदी ने मंगलवार को मॉरीशस को भारत और ‘ग्लोबल साउथ’ के बीच एक सेतु करार दिया। उन्होंने कहा कि मॉरीशस सिर्फ एक साझेदार देश भर नहीं है, बल्कि भारत के परिवार का हिस्सा है। मोदी ने पोर्ट लुइस में एक सामुदायिक कार्यक्रम में प्रवासी भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए इस दक्षिण-पूर्वी अफ्रीकी द्वीपीय देश को नये संसद भवन के निर्माण सहित विकास में हर प्रकार से सहयोग का आश्वासन दिया। इस कार्यक्रम में मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम, उनकी पत्नी और कैबिनेट मंत्री भी शामिल हुए।

'मॉरीशस ‘मिनी इंडिया’ की तरह है

मोदी ने भारत और मॉरीशस के बीच गहरे सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और रणनीतिक संबंधों पर जोर दिया तथा हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा एवं समृद्धि के लिए उनकी साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'मॉरीशस ‘मिनी इंडिया’ की तरह है।' मोदी ने कहा, 'मॉरीशस सिर्फ एक साझेदार देश भर नहीं है। हमारे लिए मॉरीशस परिवार का एक हिस्सा है! यह बंधन इतिहास, विरासत और मानवीय भावना में गहराई और मजबूती से निहित है।' उन्होंने कहा, ‘मॉरीशस भारत को व्यापक ‘ग्लोबल साउथ’ से जोड़ने वाला एक सेतु भी है। एक दशक पहले, 2015 में प्रधानमंत्री के रूप में अपने पहले कार्यकाल में मैंने भारत के ‘सागर’ दृष्टिकोण की घोषणा की थी। आज भी मॉरीशस इस दृष्टिकोण के केंद्र में है।’

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