Sources on Operation Sindoor: 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भारतीय सेना के शौर्य एवं पराक्रम की बातें सामने आने लगी हैं। समाचार एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से पाकिस्तान पर हुए भारत की जवाबी कार्रवाई और हमले के बारे में कई जानकारियां साझा की हैं। सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तानी के हमलों के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेना को स्पष्ट तौर पर निर्देश दे दिया था कि 'यदि वहां से गोली चलती है तो उसके जवाब में यहां से गोला चलेगा।' सूत्रों का यह भी कहना है कि 'ऑपरेशन सिंदूर' अभी खत्म नहीं हुआ है, यदि वे गोलबारी करेंगे तो यहां से उसका जवाब दिया जाएगा।'
'ऑपरेशन सिंदूर' में पाकिस्तान को हुआ भारी नुकसान।
पाकिस्तान को दिया गया बहुत बड़ा संदेश-सूत्र
समाचार एजेंसी के मुताबिक सूत्रों ने कहा कि बहावलपुर स्थित जैश-ए-मोहम्मद के मुख्यालय पर बहुत ताकत से हमला हुआ। इस हमले में भारत की तरफ से काफी शक्तिशाली हथियार का इस्तेमाल हुआ। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) ने ही जैश को खड़ा किया था।
सूत्रों का कहना है कि इसलिए उसे नुकसान पहुंचाकर बहुत बड़ा संदेश दिया गया। सूत्रों का कहना है कि भारत और पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों और विदेश मंत्रियों के बीच कओई बातचीत नहीं हुई थी। बातचीत केवल डीजीएमओ स्तर पर हुई थी।
...फिर पाकिस्तान के एयरबेस पर हुए हमले
सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने साफ तौर पर बता दिया था कि पाकिस्तान यदि कुछ करता है तो भारत की तरफ से उसका जवाब काफी तगड़ा औऱ नुकसान पहुंचाने वाला होगा।
इसी रात, पाकिस्तान भारत में 26 स्थानों पर हमले किए। इसके बाद भारत ने काफी मजबूती से जवाब दिया और पाकिस्तान के एयरबेस पर हमले हुए।
भारत ने कहा-आतंक के ढांचे पर हमला करेंगे
सूत्रों के मुताबिक पहलगाम हमले के बाद भारत ने उससे संपर्क करने वाले देशों से कहा कि वह पाकिस्तानी सीमा में आतंकवादियों के बुनियादी ढांचे पर हमला करेगा। भारत और पाकिस्तान के सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमत होने की घोषणा सबसे पहले अमेरिका की ओर से किए जाने के बाद कांग्रेस ने रविवार को सरकार से सवाल किया कि क्या उसने कश्मीर मुद्दे पर तीसरे पक्ष की मध्यस्थता स्वीकार कर ली है? पार्टी ने इस मुद्दे का “अंतरराष्ट्रीयकरण” करने के प्रयास की भी आलोचना की। कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट ने यहां अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) मुख्यालय पर एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि संघर्ष रोकने पर सहमति का ऐलान सभी के लिए आश्चर्यजनक है, क्योंकि यह पहली बार है, जब किसी तीसरे देश ने भारत और पाकिस्तान की तरफ से घोषणा की है। उन्होंने दोनों देशों को “एक साथ जोड़ने” के अमेरिका के प्रयास पर भी सवाल उठाया।
