ET NOW GBS 2026: 2014 से पहले क्यों नहीं हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स? पीएम मोदी ने बताई इसकी हकीकत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ET NOW ग्लोबल बिजनेस समिट 2026 को संबोधित करते हुए भारत के फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स (FTA) पर भी बात की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत अब लगातार कई मुक्त व्यापार समझौतों पर हस्ताक्षर कर रहा है और यह बदलाव अचानक नहीं आया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ET NOW ग्लोबल बिजनेस समिट 2026 को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने सरकार की निर्णय लेने की गति, डिजिटल और तकनीकी नवाचार, स्टार्टअप इकोसिस्टम को लेकर अपनी सरकार के दृष्टिकोण को विस्तार से रखा। प्रधानमंत्री ने डिजिटल इंडिया, यूपीआई जैसे सुधारों, और भारत के स्वतंत्र विकास मॉडल पर भी जोर देते हुए कहा कि नीति, मंशा और भरोसे के साथ लिए गए फैसलों ने भारत की छवि एक निर्णायक और सक्षम अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित की है। इस दौरान उन्होंने विभिन्न देशों से किए जा रहे फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर भी बात की। उन्होंने बताया कि उस वक्त की सरकारों ने इस दिशा में कदम क्यों नहीं उठाए।

pm modi

ईटी नाउ ग्लोबल समिट 2026 में पीएम मोदी।

2014 से पहले क्यों नहीं हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स?

प्रधानमंत्री ने भारत के फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स (FTA) पर भी बात की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत अब लगातार कई मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) पर हस्ताक्षर कर रहा है और यह बदलाव अचानक नहीं आया है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या किसी ने कभी सोचा है कि 2014 से पहले ऐसा क्यों नहीं हो पाया, जबकि देश और परिस्थितियां काफी हद तक वही थीं। उन्होंने कहा कि उस समय भी देश वही था, युवा वही थे और व्यवस्था भी वही थी, लेकिन जो बदला वह था नीति, मंशा और भारत की क्षमताओं पर भरोसा।

'2014 से पहले भारत को 'Fragile Five' में गिना जाता था'

पीएम मोदी ने कहा कि 2014 से पहले भारत को अक्सर ‘कमजोर पांच (Fragile Five)’ देशों में गिना जाता था। उस दौर में नीति-गत ठहराव, भ्रष्टाचार और कमजोर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर जैसी समस्याएं थीं। विकसित देशों के साथ व्यापार समझौतों को लेकर यह आशंका रहती थी कि इससे घरेलू बाजार को नुकसान होगा। उस दौर में नीतिगत गतिरोध, लगातार सामने आने वाले घोटाले और व्यापक भ्रष्टाचार का माहौल ऐसा था, जिसने अन्य देशों को भारत के साथ व्यापारिक समझौते करने से हतोत्साहित किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि उस समय भारत पर किसे भरोसा होता? इसी कारण 2014 से पहले की सरकार केवल चार देशों के साथ ही व्यापक व्यापार समझौते कर सकी थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने इस सोच को बदला और आत्मविश्वास के साथ भारत को वैश्विक व्यापार मंच पर मजबूती से स्थापित किया।

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