Vizhinjam Seaport: विझिंजम बना भारत की समुद्री शक्ति का द्वार, बाधाओं का समंदर किया पार; जानें क्या कुछ है खास

Vizhinjam International Seaport: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश का पहला पूर्ण रूप से स्वचालित और गहरे समुद्र वाला ‘विझिंजम इंटरनेशनल सीपोर्ट’ राष्ट्र को समर्पित किया। यह बंदरगाह न केवल भारत की समुद्री क्षमताओं का प्रतीक है, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की दिशा में भी एक बड़ा कदम है। इस बंदरगाह की परिकल्पना 1991 में की गई थी।

Vizhinjam International Seaport: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को विझिंजम इंटरनेशनल सीपोर्ट समर्पित किया। तीन दशक पुराने सपने ने आखिरकार आकार ले लिया। केरल के तट पर स्थित छोटा-सा मछुआरों का गांव विझिंजम आज भारत के समुद्री इतिहास में स्वर्ण अक्षरों से दर्ज हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश का पहला पूर्ण रूप से स्वचालित और गहरे समुद्र वाला ‘विझिंजम इंटरनेशनल सीपोर्ट’ राष्ट्र को समर्पित किया। यह बंदरगाह न केवल भारत की समुद्री क्षमताओं का प्रतीक है, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की दिशा में भी एक बड़ा कदम है।

PM Modi vizhinjam seaport

पीएम मोदी ने विझिंजम इंटरनेशनल सीपोर्ट राष्ट्र को किया समर्पित (फोटो साभार: @BJP4India)

1991 में देखे गए सपने से 2025 की उपलब्धि तक

इस बंदरगाह की परिकल्पना 1991 में की गई थी। कई सरकारों और योजनाओं ने इसे आगे बढ़ाने की कोशिश की, लेकिन सुरक्षा, कानूनी पेच और निवेश की कमी ने हर प्रयास को अधूरा छोड़ दिया। वर्ष 2015 में यह सपना फिर से जागा जब केरल सरकार ने अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड (APSEZ) के साथ इस परियोजना को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल में शुरू किया। यह पहला मौका था जब कोई निजी समूह इतनी बड़ी समुद्री परियोजना में उतरा।

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