15 साल बाद पायलट को मिली बड़ी राहत, हाई कोर्ट ने DGCA के आदेश को बताया अवैध, बहाल किया लाइसेंस

डीजीसीए ने 12 मार्च 2011 को जीतेंद्र कृष्ण वर्मा के एयरलाइन ट्रांसपोर्ट पायलट लाइसेंस (एटीपीएल) को निलंबित कर दिया था। एटीपीएल पायलट लाइसेंस का सर्वोच्च स्तर माना जाता है। यह कार्रवाई दिल्ली में उनके खिलाफ दर्ज एक प्राथमिकी के बाद की गई थी

करीब 15 साल पहले डीजीसीए के जिस आदेश ने एक अनुभवी पायलट के करियर पर ब्रेक लगा दिया था, उसे अब बॉम्बे हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया है। अदालत ने 62 वर्षीय एक पायलट को राहत देते हुए नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के उस फैसले को 'अवैध और कानूनी रूप से असंगत' करार दिया, जिसके तहत साल 2011 में पायलट जीतेंद्र कृष्ण वर्मा का एयरलाइन ट्रांसपोर्ट पायलट लाइसेंस (एटीपीएल) निलंबित कर दिया गया था।

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बॉम्बे हाईकोर्ट का फैसला

फैसला देते हुए न्यायमूर्ति मनीष पितले और न्यायमूर्ति श्रीराम शिरसाट की पीठ ने कहा कि किसी व्यक्ति का लाइसेंस निलंबित करने से पहले उसे अपना पक्ष रखने का अवसर देना जरूरी है। लेकिन वर्मा के मामले में न तो कोई कारण बताओ नोटिस जारी किया गया और न ही उन्हें सुनवाई का मौका दिया गया। अदालत ने इसे प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन माना।

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