सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है, जिसमें खुद को राजनीतिक संगठन बताने वाली कॉकरोच जनता पार्टी (Cockroach Janta Party) के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि यह संगठन सुप्रीम कोर्ट की मौखिक टिप्पणियों और अदालत में हुई बातों का गलत इस्तेमाल कर रहा है। साथ ही इन टिप्पणियों का प्रचार, व्यावसायिक फायदा और सोशल मीडिया पर लोगों को जोड़ने के लिए उपयोग किया जा रहा है।
CBI जांच की मांग के साथ सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला (फाइल फोटो)
मौजूदगी न्याय व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल
याचिका में कहा गया है कि अदालत की कार्यवाही और न्यायिक टिप्पणियों को इस तरह प्रचार का माध्यम बनाना संविधान और न्याय व्यवस्था की गरिमा के लिए खतरा है। कोर्ट (Supreme Court News) में कही गई बातों को राजनीतिक या व्यावसायिक लाभ के लिए इस्तेमाल करना गलत परंपरा को बढ़ावा दे सकता है। इसके अलावा इस PIL में फर्जी डिग्री लेकर वकालत करने वाले कथित 'फेक एडवोकेट्स' की भी जांच की मांग की गई है। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि कुछ लोग नकली शैक्षणिक दस्तावेजों के सहारे कानूनी पेशे में काम कर रहे हैं। ऐसे लोगों की मौजूदगी न्याय व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करती है।
मामला कानूनी और सार्वजनिक चर्चा का विषय
याचिका में मांग की गई है कि इस पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराई जाए। इसके लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) जैसी एजेंसी से जांच करवाने की बात कही गई है ताकि निष्पक्ष तरीके से सच्चाई सामने आ सके। पिटीशन में यह भी कहा गया है कि अदालत से जुड़े शब्दों, टिप्पणियों और प्रतीकों का इस्तेमाल सोशल मीडिया कैंपेन, व्यापारिक गतिविधियों और डिजिटल प्रचार के लिए किया जाना गंभीर चिंता का विषय है। इससे न्यायिक प्रक्रिया का 'व्यावसायीकरण' होने का खतरा पैदा हो रहा है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में दायर इस याचिका पर सुनवाई को लेकर आगे की प्रक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। यह मामला अब कानूनी और सार्वजनिक चर्चा का विषय बन गया है।
