संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों की हेट स्पीच पर सख्त गाइडलाइन की मांग, सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल

सुप्रीम कोर्ट में आज एक याचिका दाखिल की गई है। इसमें संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों द्वारा हेट स्पीच के खिलाफ सख्त गाइडलाइन बनाने की मांग की गई है। याचिका में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और अन्य संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों के हेट स्पीच का उदाहरण देते हुए चिंता जताई गई

संवैधानिक पदों पर आसीन व्यक्तियों द्वारा दिए जा रहे कथित नफरत भरे बयानों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक अहम याचिका दाखिल की गई है। यह याचिका पूर्व नौकरशाहों, राजनयिकों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, उद्यमियों और सिविल सोसायटी से जुड़े लोगों के एक समूह की ओर से दायर की गई है। याचिका में मांग की गई है कि संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों के लिए हेट स्पीच को लेकर सख्त और प्रभावी गाइडलाइन बनाई जाए, ताकि समाज में विभाजन और नफरत को रोका जा सके।

sc on hate speech

सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो:PTI)

हिमंत बिस्वा सरमा के बयानों का विशेष रूप से उल्लेख

याचिका में हिमंत बिस्वा सरमा के बयानों का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है। इसमें कहा गया है कि असम के मुख्यमंत्री ने ‘मिया मुस्लिम’ समुदाय को लेकर हालिया टिप्पणियां कीं, जो गंभीर चिंता का विषय हैं। याचिका के अनुसार, सरमा पहले भी एक समुदाय को सब्जियों की बढ़ती कीमतों, ‘लव जिहाद’ और यहां तक कि ‘फ्लड जिहाद’ जैसे मुद्दों से जोड़ चुके हैं। इसके अलावा, याचिका में यह आरोप भी लगाया गया है कि उन्होंने मुस्लिम समुदाय के चार से पांच लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने की इच्छा जाहिर की थी।

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