CJP Protest: नीट-यूजी (NEET-UG Paper Leak) पेपर लीक मामले को लेकर देश भर में जारी बवाल के बीच केंद्र सरकार द्वारा किए गए प्रशासनिक फेरबदल पर राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा (Pawan Khera) ने आईएएस अधिकारी नरेश पाल गंगवार (Naresh Pal Gangwar) को उच्च शिक्षा सचिव बनाए जाने पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पशुपालन और डेयरी विभाग में सचिव रहने के दौरान गंगवार पर अपने ही परिवार को सब्सिडी देने से जुड़ी अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगे थे।
पवन खेड़ा का केंद्र पर हमला।
पवन खेड़ा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की बात का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार इस संकट से निपटने के बजाय इसे और उलझा रही है। उन्होंने कहा, "सरकार ने एक विवादित शिक्षा सचिव (विनीत जोशी) को हटाकर दूसरे विवादित अधिकारी को उस पद पर बैठा दिया है। क्या सरकार के पास अब कोई ईमानदार और साफ छवि वाला अधिकारी नहीं बचा है या फिर कोई उनके साथ काम नहीं करना चाहता?"
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धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा 'गैर-समझौतावादी'
कांग्रेस नेता ने साफ किया कि नीट विवाद पर किसी भी बातचीत के लिए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा पहली और 'गैर-समझौतावादी' शर्त है। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं की मांग है कि शिक्षा मंत्री अपने पद से हटें। विपक्षी नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे लगातार इस मांग को उठा रहे हैं। खेड़ा ने कहा कि देश की जनता का इस सरकार से भरोसा पूरी तरह उठ चुका है।
पेलेट गन और विरोध प्रदर्शन पर सियासत तेज
पवन खेड़ा ने राहुल गांधी की उस प्रेस कॉन्फ्रेंस का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान पेलेट गन की चोट से एक आंख गंवाने वाले छात्र को मीडिया के सामने पेश किया था। कांग्रेस ने मांग की कि अपने ही देश के नागरिकों पर पेलेट गन चलाने का आदेश देने वालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और प्रधानमंत्री को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए।
वहीं दूसरी ओर, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP Protest) के साथ सरकार ने बातचीत शुरू की है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने CJP के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की, जिसमें छात्रों के सुधार सुझावों, मुआवजे और दर्ज प्राथमिकियों को वापस लेने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
