पश्चिम एशिया पर संसदीय समिति में सरकार घिरी: संवेदना, ईरान और ऊर्जा सुरक्षा पर विपक्ष के तीखे सवाल

पश्चिम एशिया की जटिल स्थिति के बीच हुई इस बैठक में सरकार की विदेश नीति, कूटनीतिक संतुलन और नागरिकों की सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल सामने आए। विदेश सचिव की अनुपस्थिति के चलते कई मुद्दों पर स्पष्टता नहीं आ सकी, लेकिन अब सभी सवालों के जवाब लिखित रूप में दिए जाने की बात कही गई है।

पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात पर चर्चा के लिए आयोजित संसदीय स्थायी समिति (विदेश मामले) की बैठक में सरकार को विपक्ष के तीखे सवालों का सामना करना पड़ा। विदेश मंत्रालय (MEA) के अधिकारियों से विपक्षी सदस्यों ने भारत की कूटनीतिक नीति, संवेदनात्मक प्रतिक्रिया और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए।

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पार्लियामेंट (फाइल फोटो)

बैठक में सबसे बड़ा मुद्दा यह रहा कि भारत ने हालिया घटनाओं पर औपचारिक संवेदना क्यों व्यक्त नहीं की। विपक्ष ने इसे विदेश नीति में संभावित “बड़े बदलाव” के रूप में देखते हुए पूछा कि क्या सरकार ने अपने दूतावासों को संवेदना व्यक्त न करने के निर्देश दिए थे।

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