Parliament Budget Session: राष्ट्रपति के अभिभाषण पर हुई चर्चा का जवाब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राज्यसभा में दिया। अब केंद्रीय बजट 2026-27 पर शुक्रवार को लोकसभा में चर्चा शुरू होगी। लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शून्य काल से प्रारम्भ होगी। रिपोर्टों के मुताबिक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, कानून एवं न्याय, विदेश मंत्रालय, रक्षा, बंदरगाह, जहाजरानी सहित कई केंद्रीय मंत्री अपने मंत्रालय से जुड़े दस्तावेज सदन की पटल पर रखेंगे। शाम साढ़े तीन बजे के बाद लोकसभा में प्राइवेट मेंबर बिल भी पेश किए जा सकते हैं।
लोकसभा में आम बजट 2026 पर चर्चा।
संसद में गुरुवार को भी बना रहा गतिरोध
लोकसभा में पिछले चार दिन से जारी गतिरोध की स्थिति बृहस्पतिवार को भी बनी रही और सदन में विपक्ष के हंगामे के बीच राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जवाब के बिना मंजूरी दे दी गई। वहीं, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि कल कांग्रेस के कई सदस्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सीट के पास पहुंचकर किसी अप्रत्याशित घटना को अंजाम देना चाहते थे, इसलिए उनके अनुरोध पर प्रधानमंत्री सदन में नहीं आए। सदन की कार्यवाही तीन बार के स्थगन के बाद दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।
मुझे बोलने नहीं दिया- राहुल गांधी
संसद के दोनों सदनों की बैठक में 28 जनवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा दिए गए अभिभाषण पर सोमवार को शुरू हुई चर्चा में भाग लेते हुए नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे के एक अप्रकाशित संस्मरण के हवाले से चीन के साथ टकराव का मुद्दा उठाने का प्रयास किया, लेकिन अध्यक्ष बिरला ने नियमों का हवाला देते हुए इसकी अनुमति नहीं दी। इस मुद्दे पर सदन में गतिरोध बना हुआ है और आसन के समीप कागज उछालने और आसन की गरिमा को ठेस पहुंचाने के मामले में कांग्रेस के आठ और एक माकपा सदस्य को संसद के वर्तमान सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया है।
लोकसभा में ध्वनिमत से पारित हुआ प्रस्ताव
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आज सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही आरंभ होने पर कहा, 'सदन में कल जो घटना हुई, जिस तरह से विपक्ष के सदस्य सत्तापक्ष की तरफ पहुंचे... यह सदन की मर्यादा के अनुकूल नहीं है। सदन की मर्यादा बनाए रखने की जिम्मेदारी हम सबकी है।’ इसके बाद, उन्होंने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी ।बैठक दोपहर 12 बजे जब दोबारा शुरू हुई तो अध्यक्ष बिरला ने आसन के समीप प्रदर्शन कर रहे विपक्ष के सांसदों को बैनर नहीं दिखाने को कहा। शोर-शराबे के बीच ही उन्होंने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को पारित करने के लिए सदन के समक्ष रखा। हंगामे के बीच ही सदन ने ध्वनिमत से प्रस्ताव को पारित कर दिया।
