राम मंदिर चंदा चोरी मामले को लेकर विपक्ष लगातार सरकार को घेरने में जुटी है। इसी बीच संसद के मानसून सत्र के दौरान संसद भवन परिसर में सोमवार को पप्पू यादव सहित कई विपक्षी नेताओं ने इस मुद्दे के जरिए सरकार को घेरा। इसी दौरान निर्दलीय सांसद पप्पू यादव पुजारी के वेश में आए थे। उनके अवाला, कई विपक्षी सांसद दान पेटी लेकर परिसर पहुंचे। इसी दौरान विपक्षी नेताओं ने एक नाट्य रूपांतरण किया है , जिसमें पप्पू यादव को एक चंदा चोर के रूप में दिखाया गया।
राम मंदिर चंदा चोरी विवाद मामले पर पप्पू यादव ने साधू का वेश पहनकर किया विरोध प्रदर्शन।
पप्पू यादव के विरोध प्रदर्शन के तरीके को लेकर बीजेपी नेताओं ने आपत्ति जताई है। दरअसल, पप्पू यादव ने अवधेश प्रसाद के पैर छूने के लिए भगवान राम की तस्वीर जमीन पर रख दी। इसके बाद विवाद गहरा गया। वहीं, संत समाज में पप्पू यादव के इस व्यवहार पर चिंता जाहिर की है।
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वीडियो में देखा जा सकता है कि विपक्ष ने एक नाट्य रूपांतरण किया है , जिसमें पप्पू यादव को एक चंदा चोर के रूप में दिखाया गया। इसके बाद कुछ सांसद दान पेट में चंदा डालते हैं। इसी दौरान अयोध्या के सांसद अवधेश कुमार भी दान पेटी में दान डालने पहुंचते हैं। इसी दौरान पुजारी के वेश में बैठे पप्पू यादव उनका पैर छूते हैं, लेकिन पैर छूते दौरान वो राम भगवान की तस्वीर जमीन पर रख देते हैं।
गौरतलब है कि विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी सहित कई विपक्षी सांसदों ने हिस्सा लिया था। कई विपक्षी सांसद एक बड़ा बैनर भी लेकर खड़े थे, जिसपर लिखा था कि संसद से अमित शाह गायब क्यों हैं?
अखिलेश यादव ने बीजेपी पर साधा निशाना
विरोध प्रदर्शन के बाद अखिलेश यादव ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अवधेश प्रसाद की एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए लिखा, "भाजपा अवध एक्सप्रेस से सत्ता में आई थी, और अयोध्या एक्सप्रेस से उसकी वापसी निश्चित है। भाजपा सदस्यों और उनके सहयोगियों द्वारा चंदे के डिब्बे में हाथ डालने के विरोध में सपा सांसदों द्वारा संसद के सामने किया गया प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन भाजपा समर्थकों को शर्म से लाल कर गया; वे इधर-उधर छिपते और सबसे नजरें चुराते नजर आए। जनता कह रही है, हम उदार हृदय वाले भारतीय भाजपा समर्थकों की सौ-हज़ार चोरियां तो माफ कर देंगे, लेकिन धर्म के लिए रखे गए धन की चोरी जैसे घोर पाप को कभी माफ़ नहीं करेंगे। जनता यह भी कह रही है कि जो ईश्वर के अपने नहीं हैं, वे हमारे लिए क्या मायने रखते हैं? भाजपा का सहयोगी मंदिर का अपमान करने वाला, घोर पापी है!"
अयोध्या चंदा चोरी मामला क्या है?
अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए नकद और आभूषणों की कथित चोरी/गबन का मामला सामने आने के बाद यह विवाद शुरू हुआ। आरोप है कि दान की गिनती के दौरान कुछ कर्मचारियों ने चढ़ावे में हेराफेरी की। मामले के सामने आने के बाद मंदिर ट्रस्ट की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई और कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे की गिनती के दौरान नकदी और अन्य दान में कथित हेराफेरी के आरोप लगे।
मंदिर ट्रस्ट की शिकायत पर पुलिस ने 8 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की, जिनमें दान गिनने से जुड़े कुछ कर्मचारी भी शामिल थे। उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। एसआईटी की प्रारंभिक जांच में सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी और दान गिनने की प्रक्रिया में कई खामियां सामने आने की बात कही गई बाद में मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा।
अदालत ने जांच में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एसआईटी में फोरेंसिक ऑडिटर शामिल करने का सुझाव दिया और जांच की प्रगति पर स्टेटस रिपोर्ट भी मांगी। इस विवाद के बाद विपक्ष ने संसद और संसद परिसर में सरकार को घेरते हुए इसे "राम मंदिर चंदा चोरी" का मुद्दा बनाया और विरोध प्रदर्शन किए।
