केरल के पलक्कड़ उपचुनाव में फर्जी वोटिंग होने की आशंका है। इसी को लेकर चुनाव आयोग ने ऐसी तरकीब निकाली है, जिससे फर्जी वोटरों पर बड़ी कार्रवाई हो सकती है। पलक्कड़ उपचुनाव में फर्जी वोटिंग लिस्ट को लेकर बीजेपी, कांग्रेस और माकपा ने एक दूसरे पर आरोप लगाए थे।
पलक्कड़ उपचुनाव में फर्जी वोटिंग की आशंका (प्रतीकात्मक फोटो- PTI)
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चुनाव आयोग की लिस्ट तैयार
कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) द्वारा पलक्कड़ विधानसभा उपचुनाव में फर्जी मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल करने को लेकर एक-दूसरे पर आरोप लगाये जाने के बीच निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को कहा कि ऐसे मतदाताओं की एक सूची तैयार कर ली गई है और यदि वे मतदान करने आते हैं तो उन्हें रोका नहीं जाएगा, बल्कि बाद में उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
कांग्रेस-भाजपा और माकपा का आरोप प्रत्यारोप
कांग्रेस और भाजपा पर ‘‘फर्जी मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में दर्ज कराने’’ का आरोप लगाने वाली माकपा ने कहा कि वे ऐसे व्यक्तियों को मतदान करने से रोकने के लिए सभी कानूनी उपाय करेंगे। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस और भाजपा ने कहा कि पलक्कड़ विधानसभा सीट के लिए मतदान के दौरान फर्जी मतदाताओं को मतदान से रोकने के बारे में सत्तारूढ़ माकपा की कथित टिप्पणी का उद्देश्य मतदाताओं को डराना है और यह कानून को अपने हाथ में लेने के समान है। कांग्रेस और भाजपा ने एक-दूसरे और माकपा पर फर्जी मतदाता बनाने में शामिल होने का आरोप लगाया। राज्य की पलक्कड़ विधानसभा सीट पर उपचुनाव 20 नवंबर को होगा।
चुनाव आयोगी की तैयारी
आरोप-प्रत्यारोप के बीच पलक्कड़ की जिला कलेक्टर एस चित्रा, जो निर्वाचन अधिकारी भी हैं, ने कहा कि फर्जी मतदाताओं और मतदाता सूची में दोहरी प्रविष्टियों की शिकायतों के आधार पर जांच की गई और ऐसे व्यक्तियों की सूची तैयार की गई। उन्होंने कहा कि यह उन व्यक्तियों की एक छोटी सूची थी, जिन पर फर्जी मतदाता होने या दोहरी प्रविष्टियां होने का संदेह है। उन्होंने कहा- ‘‘हमने ऐसे व्यक्तियों की सूची मतदान केंद्रों में पीठासीन अधिकारियों को सौंप दी है। यदि सूची में शामिल व्यक्ति मतदान के लिए आते हैं, तो पीठासीन अधिकारी उन्हें मतदान करने की अनुमति देने से पहले उनकी तस्वीर और उनसे लिखित गवाही लेंगे। यदि वे मतदान करते हैं, तो यह उनके खिलाफ सबूत बन जाएगा जब हम जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 31 के तहत कार्रवाई शुरू करेंगे और यदि दोषी पाए जाते हैं, तो एक वर्ष की कैद या जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।’’
PTI से इनपुट के आधार पर
