Pakistan PoK Protests: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में पिछले 15 दिनों से प्रदर्शन हो रहे हैं। पाकिस्तानी सेना के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। आंदोलन में युवा, स्कूली बच्चें और महिलाएं बड़ी तादाद में शामिल हैं। प्रदर्शन में आजादी की मांग उठ रही है। वहां की आवाम पाकिस्तान के अवैध कब्जे को खत्म करने के लिए दिन रात आंदोलन में जुटे हैं।
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में पाकिस्तानी सेना के खिलाफ चल रहा प्रदर्शन। AI IMAGE
भारत ने जाहिर की चिंता
इसी बीच भारत ने भी पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में पाकिस्तानी सेना और शहबाज सरकार के अत्याचार पर चिंता जाहिर की है। मंगलवार को । विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में जारी विरोध प्रदर्शन वहां के लोगों की लंबे समय से चली आ रही आर्थिक शोषण, बुनियादी अधिकारों से वंचित रखने और प्रशासनिक दमन की नीतियों का नतीजा हैं।'वर्षों से लोगों का शोषण करी रही पाकिस्तानी सेना'
एमईए प्रवक्ता के मुताबिक, पाकिस्तान ने जिन इलाकों पर अवैध और जबरन कब्जा किया हुआ है, वहां लोगों को वर्षों से व्यवस्थित आर्थिक शोषण और प्रशासनिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है।उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शनों के जवाब में पाकिस्तान प्रशासन ने पुलिस बल का कठोर इस्तेमाल किया, जरूरी सामान और दवाओं की आपूर्ति रोकी, इंटरनेट सेवाएं बंद कीं और निहत्थे नागरिकों के खिलाफ बल प्रयोग किया।
रावलकोट में चल रहा प्रदर्शन
बता दें कि रावलकोट के ईदगाह मैदान में चल रहे इस प्रदर्शन में कई स्कूली बच्चों को बैठे देखा गया। इन बच्चों के हाथ में पोस्टर-बैनर थे जिसपर लिखा था- पाकिस्तानी सेना बाहर जाओ। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर की जनता पाकिस्तानी सेना के दमन और अत्याचार से परेशान हो चुकी है। प्रदर्शनकारी खुलेआम यह कह रहे हैं कि पाकिस्तान के पूरे सैन्य तंत्र को PoK से बाहर खदेड़ दिया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तानी सरकार को 38 मांगों वाला एक चार्टर सौंपा है और इसे मानने के लिए 23 जून की डेडलाइन दी है।
