65 सालों तक हमने निभाया धर्म, पाकिस्तान ने नहीं किया 'सिंधु जल' समझौते का पालन; IFS मिसरी ने बताई पूरी सच्चाई

भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी (Vikram Misri) ने कहा कि पाकिस्तान ने कभी सिंधु जल समझौते (Indus River Treaty) का पालन नहीं किया। उन्होंने बताया कि 65 सालों तक पाकिस्तान की ओर से तमाम उल्लंघन के बाद भी हमने संधि के प्रति अपना धर्म निभाया, लेकिन पाक इसमें हमेशा से अड़चन बनता रहा है।

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव का अहम मुद्दा बने सिंधु जल समझौते को लेकर भारत ने अपने इरादे स्पष्ट कर दिए हैं। भारत की ओर से सिंधु जल समझौते को स्थगित किए जाने से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। इसके बाद उसके नेता अनाप-शनाप बयान दे रहे हैं। वहीं, भारतीय सेना की ओर से किए ऑपरेशन सिंदूर के बाद बढ़ते तनाव के बीच भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी (Vikram Misri) ने कहा कि पाकिस्तान ने कभी सिंधु जल समझौते (Indus River Treaty) का पालन नहीं किया है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान इसमें हमेशा से अड़चन बनता रहा है। भारत का रिस्पॉन्स पूरी तरह से संयमित है। सिंधु जल संधि 1960 में हुई थी, जिसके तहत नदियों का 80 फीसदी पानी पाकिस्तान को दे दिया गया, फिर भी हम शांत रहे।

1960 से जल संधि का भारत ने किया पालन-IFS

विक्रम मिसरी ने बताया कि पिछले दो साल में सिंधु जल संधि में जरूरी संशोधनों के लिए पाकिस्तान को कई दफा नोटिस भेजा है। लेकिन, पाकिस्तान इसको लेकर चिंतित नजर नहीं आया। अगर, भारत की बात करें तो हमने हमेशा सिंधु समझौते का सम्मान किया। 65 साल से संधि के हर पहलू को निभाना हमारी सहनशीलता को दर्शाता है, लेकिन पाकिस्तान ने संधि पर सहयोग नहीं किया। हमने पाकिस्तान की ओर से किए गए बेबुनियाद हमलों के बाद भी इस संधि का पालन किया, लेकिन पाकिस्तान हमेशा इसमें लीगल और कई अन्य अड़चनें पैदा कीं।

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