मणिपुर में बवाल के बीच पहुंचे म्यांमार से 700 लोग, सरकार ने असम राइफल से मांगी रिपोर्ट

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Jul 25, 2023, 09:34 AM IST

22 से 23 जुलाई के बीच केवल दो दिनों में 301 बच्चों सहित 718 से अधिक म्यांमार नागरिकों को उचित यात्रा दस्तावेजों के बिना भारत में प्रवेश करने की अनुमति दी गई।

Manipur Violence: मणिपुर में भारी पैमाने पर हो रही हिंसा के बीच मणिपुर सरकार ने असम राइफल्स से एक विस्तृत रिपोर्ट मांगी है कि कैसे 700 से अधिक म्यांमार के लोगों को राज्य में उचित दस्तावेजों के बिना ही प्रवेश दे दिया गया। सरकार ने पूछ है कि 22 से 23 जुलाई के बीच केवल दो दिनों में 301 बच्चों सहित 718 से अधिक म्यांमार नागरिकों को उचित यात्रा दस्तावेजों के बिना भारत में प्रवेश करने की अनुमति दी गई। मणिपुर के मुख्य सचिव विनीत जोशी ने सोमवार देर रात असम राइफल्स को एक संदेश में कहा कि अतीत में इसी तरह के मुद्दों के संबंध में राज्य सरकार ने सीमा सुरक्षा बल होने के नाते असम राइफल्स को साफ सूचित किया था कि गृह मंत्रालय के निर्देश के अनुसार वैध वीजा/यात्रा दस्तावेजों के बिना किसी भी कीमत पर मणिपुर में म्यांमार के नागरिकों के प्रवेश को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई की जाए।

असम राइफल्स को दिए निर्देश

असम राइफल्स ने पहले चंदेल जिले के डिप्टी कमिश्नर को सूचित किया था कि खमपत में चल रही झड़पों के कारण 23 जुलाई को 718 नए शरणार्थी भारत-म्यांमार सीमा पार कर चंदेल जिले से होते हुए मणिपुर में प्रवेश कर गए थे। राज्य सरकार ने तथ्यों और ठोस परिस्थितियों/कारणों को स्पष्ट करने के लिए असम राइफल्स अथॉरिटी से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है कि क्यों और कैसे इन 718 म्यांमार नागरिकों को उचित यात्रा दस्तावेजों के बिना चंदेल जिले में भारत में प्रवेश करने की अनुमति दी गई।

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