संसद सत्र के दूसरे हफ्ते के दूसरे दिन भी सदन की कार्यवाही नहीं चली। विपक्षी पार्टियां अडानी मामले पर जेपीसी की मांग को लेकर प्रदर्शन करती रहीं। लेकिन विपक्षी पार्टियों का आज का प्रदर्शन दूसरे दिन के प्रदर्शन से अलग था, क्योंकि आज विपक्षी पार्टियो ने संसद में पहली मंजिल पर विरोध-प्रदर्शन करती दिखी। 14 से अधिक विपक्षी पार्टियां इस प्रदर्शन में शामिल हुईं।
संसद में विपक्षी पार्टियों का प्रदर्शन जारी (AICC)
लोकसभा स्पीकर और राज्यसभा सभापति की कोशिशों के बाद भी संसद का गतिरोध नहीं टूटा। गतिरोध को खत्म करने के लिए दोनों ही सदनों में अध्यक्ष की तरफ से कोशिशें दिख रही हैं, लेकिन हालात नहीं बदले। आज दोपहर 2 बजे तक संसद की कार्यवाही स्थगित होने के बाद जहां लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने पहल करते हुए दोपहर 1 बजे अपने कक्ष में सभी दलों के नेताओं की बैठक बुलाई, वहीं राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने भी सभी पार्टियो के फ्लोर लीडर को सुबह 11:30 बजे अपने चैंबर में बुलाया। हालांकि सूत्रों की मानें तो विपक्षी पार्टियों की तरफ से कोई भी धनखड़ से मिलने नहीं गया।
वहीं, ओम बिरला ने इससे पहले भी गतिरोध को खत्म करने की कोशिश की थी। आसन से कई-कई बार उन्होंने सदन चलाने की अपील की। वहीं पिछले दिनों कई पार्टियों के नेताओं से अलग-अलग चर्चा भी की।
संसद में गतिरोध खत्म नहीं हो रहा और नेताओं की बयानबाजी बढ़ती जा रही है। राहुल गांधी से माफी की मांग कर रही बीजेपी संसद के अंदर और बाहर आक्रामक है। आज बीजेपी नेता संबित पात्रा ने राहुल गांधी की तुलना मीर जाफर से कर दी जिसके बाद कांग्रेस ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने कहा कि जिस नेता को पूरी जनता ने रिजेक्ट कर दिया उसकी औकात राहुल गांधी पर टिप्पणी करने की नहीं है।
